03/03/2016
कपालभाती :
परिचय / Introduction
'कपालभाती' यह एक संस्कृत शब्द है। 'कपाल' का मतलब होता है माथा / Forehead और 'भाती' का मतलब होता है प्रकाश / Light। रोज नियमित कपालभाती करने से व्यक्ति का माथा / चेहरे पर कांती या चमक आती है। चेहरे पर चमक होना स्वस्थ और निरोगी व्यक्ति की पहचान होती है। कपालभाती यह एक प्राणायाम का चमत्कारी प्रकार है जिसके कई सारे फायदे है।
विधि / Procedure
एक समान, सपाट और स्वच्छ जगह जहा पर स्वस्छ हवा हो वहा पर कपड़ा बिछाकर बैठ जाए।
आप सिद्धासन, पदमासन या वज्रासन में बैठ सकते है। आप चाहे तो आपको जो आसन आसान लगे या आप हमेशा जैसे निचे जमीन पर बैठते है उस तरह बैठ जाए।
बैठने के बाद अपने पेट को ढीला छोड़ दे।
अब अपने नाक से सांस को बाहर छोड़ने की क्रिया करे। सांस को बाहर छोड़ते समय पेट को अंदर की ओर धक्का दे।
श्वास अंदर लेने की क्रिया करने की जरुरत नहीं है। इस क्रिया में श्वास अपने आप अंदर लिया जाता है।
लगातार जितने समय तक आप आसानी से कर सकते है तब तक नाक से श्वास बाहर छोड़ने और पेट को अंदर धक्का देने की क्रिया को करते रहे।
शुरुआत में 10 बार और धीरे धीरे बढ़ाते हुए एक बार में 60 बार तक यह क्रिया करे।
आप चाहे तो बीच में कुछ समय का आराम लेकर भी इस क्रिया को कर सकते है।
सावधानिया / Precautions
कपालभाती सुबह के समय खाली पेट, पेट साफ़ होने के बाद ही करे।
अगर खाना खाने के बाद कपालभाती करना है तो खाने के 5 घंटे बाद इसे करे।
कपालभाती करने के बाद 30 मिनिट तक कुछ न खाए। आप चाहे तो थोड़ा पानी ले सकते है।
शुरुआत में कपालभाती किसी योगा के जानकार के देखरेख में ही करे।
गर्भवती महिला, Gastric ulcer, Epilepsy, Hernia के रोगी इस क्रिया को न करे।
Hypertension / उच्चरक्तचाप और ह्रदय रोगी अपने डॉक्टर की सलाह लेकर हे इस क्रिया को करे।
ऐसे तो कपालभाती क्रिया के कोई दुष्परिणाम / side-effects नहीं है फिर भी कपालभाती करते वक्त चक्कर आना या जी मचलाना जैसी कोई परेशानी होने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करे।
लाभ / Benefits
वजन कम / weight loss होता है। भारत में ऐसे कई लोग है जिन्होंने कपालभाती से अपना 30 से 40 किलो वजन काम किया है।
पेट की बढ़ी हुई अतिरिक्त चर्बी कम होने में सहायक है। यह आपके कमर के आकार को फिर से सामान्य आकार में लाने में मदद करता है।
चेहरे की झुर्रिया और आँखों के निचे का कालापन दूर कर चेहरे की चमक फिर से लौटाने में मदद करता है।
गैस, कब्ज और अम्लपित्त / Acidity की समस्या को दूर भगाता है।
शरीर और मन के सारे नकारात्मक तत्व और विचारो को मिटा देता है।
शरीर को detox करता है।
स्मरणशक्ति को बढ़ाता है।
कफ विकार नष्ट होते है और श्वासनली की सफाई अच्छे से होती है।
इस क्रिया से रक्त धमनी की कार्यक्षमता बढाती है और बढ़ा हुआ cholesterol को काम करने में मदद होती है।
कपालभाती करने वक्त पसीना अधिक आता है जिससे शरीर स्वच्छ होता है।