28/02/2026
*गुर्दे की पथरी*
गुर्दे की पथरी, salts के जमा होने से होती हैं जो आपके गुर्दे में मिनरल्स और salts आदि पदार्थों से बनते हैं। अधिकतर पथरी आपके पेशाब के रास्ते आपके शरीर से बाहर निकल जाती है, कुछ बड़ी पथरी जब निकलती हैं तो बहुत दर्द हो सकता है। अगर पथरी अपने आप बाहर नहीं निकलती या रुकावट कर रही है, तो आपको चिकित्सकीय परामर्श व जांच की ज़रूरत हो सकती है।
*गुर्दे की पथरी के लक्षण*
गुर्दे में पथरी होने पर
1. पीठ के निचले हिस्से पर बाईं या दाएं या दोनो तरफ दर्द, जो पेट के निचली तरफ बढ़ता हुआ,
2. उबकाई, उल्टी, पेशाब में जलन के साथ दर्द, आदि शामिल हैं।
गुर्दे की पथरी को रीनल कैलकुली या नेफ्रोलिथियासिस भी कहा जाता है।
गुर्दे की पथरी की वजह से गुर्दे में पेशाब रुकने लगती है इसे hydronephrosis कहते है।
अक्सर दर्द का कारण यही होता है।
गुर्दे की पथरी कई बार बिना किसी दर्द के भी निकल जाती हैं।
इनके द्वारा मूत्र मार्ग में अवरोध होने पर गुर्दे की कार्य क्षमता प्रभावित होती है, इससे कभी कभी रक्त श्राव भी होता है
गुर्दे की पथरी को अपने आप बाहर निकलने में तीन सप्ताह तक का समय लग सकता है। कुछ छोटी पथरियां भी आपके मूत्र मार्ग से निकलते समय बहुत ज़्यादा दर्द पैदा कर सकते हैं।
इन स्थितियों में चिकित्सकीय परीक्षण एवं परामर्श की आवश्यकता होती है।
*गुर्दे की पथरी किसे और कैसे होती है*
लगभग 10 में से 1 व्यक्ति को गुर्दे की पथरी होने की संभावना रहती है। ये किसी उम्र व लिंग के व्यक्तियों में हो सकती हैं।
*गुर्दे में पथरी होने के कारण*
पेशाब में मिनरल्स, साल्ट्स और अन्य पदार्थ होते हैं, जैसे कैल्शियम, सोडियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड। जब पेशाब में इन पदार्थों की संध्रता बहुत ज़्यादा होते जाती है तो वे क्रिस्टलाइजेशन शुरू कर देते हैं, जिससे क्रिस्टल या पथरी बन जाती है।
गुर्दे की पथरी कई महीनों या सालों में बनती है। और बिना लक्षणों के गुर्दे में रह सकती है।
*गुर्दे की पथरी के प्रकार*
पथरी के साल्ट के आधार पर इनका वर्गीकरण किया जाता है।
1.कैल्शियम-ऑक्सालेट और कैल्शियम फॉस्फेट ।
कैल्शियम-आधारित पथरियां तब बन सकते हैं जब आप उच्च-ऑक्सालेट या कम-कैल्शियम वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं और पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं पीते हैं। कैल्शियम-ऑक्सालेट की पथरी गुर्दे की पथरी का सबसे आम प्रकार होता है।
2.यूरिक एसिड की पथरी
प्रोटीन (दाल, गोमांस, मुर्गी, सूअर, अंडे और मछली) खाने से यूरिक एसिड की पथरी बन सकती है।
3. Struvite stones मूत्र मार्ग में जीवाणु संक्रमण से स्ट्रुवाइट पथरी हो सकती है।
4. स्टैगहॉर्न कैलकुलस जो एक बहुत बड़ा किडनी स्टोन है जिसे आमतौर पर सर्जरी द्वारा निकालना पड़ता है।
3.सिस्टीन पथरी
सिस्टिनुरिया नामक एक वंशानुगत बीमारी की वजह से बनती है।
सिस्टीन एक पदार्थ है जो दो सिस्टीन अमीनो एसिड से मिलकर बना होता है।
*गुर्दे की पथरी के जोखिम*
गुर्दे की पथरी होने का खतरा अधिक होता है
जब
पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ न पियें।
मांस और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ खाएं।
सोडियम या शर्करा (सुक्रोज और फ्रुक्टोज) से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं।
विटामिन सी की खुराक लें.
गुर्दे की पथरी का पारिवारिक इतिहास रहा हो।
आपके मूत्र मार्ग में रुकावट है।
कुछ दवाइयाँ जैसे
मूत्रवर्धक ,
कैल्शियम-आधारित एंटासिड ,
बीमारियां
जिनकी वजह से गुर्दे में पथरी हो सकती हैं, जैसे
प्रोस्टेट,
सिस्टिनुरिया, एक आनुवंशिक विकार जो सिस्टिन के निर्माण का कारण बनता है।
मधुमेह ।
गठिया .
उच्च रक्तचाप ।
आपके मूत्र में कैल्शियम का उच्च स्तर (हाइपरकैल्सीयूरिया)।
सूजन आंत्र रोग (आईबीडी) .
गुर्दे की सिस्ट .
मोटापा ।
ऑस्टियोपोरोसिस .
पैराथाइरॉइड रोग.
हाइपरऑक्सालुरिया .
गुर्दे की पथरी की जटिलताएं क्या हैं?
गुर्दे की पथरी से आपको निम्न समस्यायें हो सकती हैं,
1. मूत्र मार्ग में रुकावट जो आपके गुर्दे में पेशाब को वापस भेज देती है, जिससे उसमें सूजन आ जाती है ( हाइड्रोनफ्रोसिस )।
2. गुर्दे का संक्रमण ( पायलोनेफ्राइटिस )।
3. बार-बार मूत्र मार्ग में संक्रमण (यूटीआई) ।
4. क्रोनिक किडनी रोग (सी.के.डी.)।
*इलाज और परीक्षण*
गुर्दे की पथरी का निदान करने के लिए इमेजिंग, रक्त और मूत्र का परीक्षण करते हैं।
गुर्दे में पथरी की संभावना के चलते एक या अधिक परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है:
मूत्र परीक्षण -
पेशाब में रक्त, पथरी बनाने वाले क्रिस्टल और संक्रमण जांच।
इमेजिंग : एक्स-रे , सीटी स्कैन (कम्प्यूटेड टोमोग्राफी स्कैन) अल्ट्रासाउंड।
ब्लड टेस्ट ।
उपचार और सावधानियां
गुर्दे की पथरी की समस्या में होमियोपैथिक उपचार कारगर साबित हो सकता है।
इसके लिए एक योग्य होमियोपैथिक चिकित्सक से परामर्श आवश्यक,
वह लक्षणों जांचो आदि के आधार पर औषधि का निर्धारण करेगें।
निम्नलिखित सुझाव दे सकते हैं:
खूब पानी पीना .
पशु प्रोटीन को सीमित करना .
चीनी और सोडियम युक्त खाद्य पदार्थों को सीमित करें ।
ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों को सीमित करना ।
यदि कैल्शियम ऑक्सालेट की पथरी है, तो पालक, रूबर्ब, गेहूं का चोकर, पेड़ के नट और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दे सकता है।
परहेज का प्रकार पथरी किस चीज की बनी है पर निर्भर करता है।
अगर गुर्दे में पथरी हो चुकी है, तो भविष्य में आपको और भी पथरी होने की संभावना है।जिसके लिए खाने-पीने के तरीके में बदलाव व परहेज करके और कभी-कभी परामर्श से दवाई लेकर उन्हें रोकने की कोशिश।
*गुर्दे की पथरी से निजात पाने का सबसे अच्छा तरीका*
अगर परामर्शदाता समझता है कि गुर्दे की पथरी अपने आप निकल सकती है, तो इसे बाहर निकालने के लिए खूब सारा पानी पीने की सलाह दे सकता है।
*चिकित्सक की सलाह लें, और माने।*
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