14/12/2022
Drugs Addiction : नशा करता है नाश, जानिए नशे के विभिन्न प्रकार और इलाज
इन दिनों जबकि फिल्म उद्योग नशे के सेवन के आरोपों का सामना कर रहा है यह जानना जरूरी है कि आखिर नशा क्या है और यह क्यों और कैसे युवाओं को चपेट में ले रहा है। नशा भले ही शान और लत के लिए किया जाता हो, पर यह जिंदगी की बेवक्त आने वाली शाम का भी मुख्य कारण है, जो कब जीवन में अंधेरा कर जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। आप इसका मजा भले ही दिनभर के कुछ सेकंड के लिए लेते हैं, लेकिन यह मजा, कब आपके लिए जिंदगी भर की सजा बन जाए, आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते।
पिछले कुछ सालों में भारत के साथ ही पूरे विश्व भर में नशा करने और उससे पीड़ित लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। इस गंभीर लत ने कई लोगों को मौत का ग्रास तक बना दिया। इनके गंभीर परिणामों को देखते हुए नशे के नुकसान के प्रति जागरुक करने के लिए कई संस्थाएं भी आगे आई हैं।
नशे के दुष्परिणामों को देखते हुए भारत में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर पाबंदी है, इसके बावजूद लचर कानून व्यवस्था के चलते इस पर अमल नहीं हो पाता।
नशा, एक ऐसी बीमारी है जो युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में लेकर उसे कई तरह से बीमार कर रही है।
शराब, सिगरेट, तम्बाकू एवं ड्रग्स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर युवा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा नशे का शिकार हो रहा है। आज फुटपाथ और रेल्वे प्लेटफार्म पर रहने वाले बच्चे भी नशे की चपेट में आ चुके हैं।
लोग सोचते हैं कि वो बच्चे कैसे नशा कर सकते हैं जिनके पास खाने को भी पैसा नहीं होता। परंतु नशा करने के लिए सिर्फ मादक पदार्थो की ही जरुरत नहीं होती, बल्कि व्हाइटनर, नेल पॉलिश, पेट्रोल आदि की गंध, ब्रेड के साथ विक्स और झंडु बाम का सेवन करना, कुछ इस प्रकार के नशे भी किए जाते हैं, जो बेहद खतरनाक होते हैं।
नशे की लत ने इंसान को उस स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब व्यक्ति मादक पदार्थों के सेवन के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, वह नशे के लिए जुर्म भी कर सकता है। नशे के मामले में महिलाएं भी पीछे नहीं है। महिलाओं द्वारा भी मादक पदार्थों का बहुत अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है। व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में तनाव, प्रेम संबंध, दांपत्य जीवन व तलाक आदि कारण, महिलाओं में नशे की बढ़ती लत के लिए जिम्मेदार है।
जानिए नशे के विभिन्न प्रकार -
1. मादक पदार्थों का सेवन - मादक पदार्थों के सेवन में शराब, सिगरेट, ड्रग्स, स्मैक , एम डी, हेरोइन, गांजा, भांग आदि शामिल हैं।
2. अन्य - शोधकर्ताओं के अनुसार हर वह चीज जो आपको जिसकी आपको लत लग जाए, नशे की श्रेणी में ही आता है। ऐसी ही कुछ आदतें हैं जिन्हें छोड़ना बेहद मुश्किल होता है जैसे - मादक पदार्थों के अलावा चाय, काफी, वर्तमान समय के नवीन यंत्र जैसे - विडियो गेम्स, स्मार्ट फोन, फेसबुक आदि का ज्यादा मात्रा में उपयोग भी नशे की श्रेणी में आते हैं।
नशे से हानियां -
1. मादक पदार्थों के सेवन से सबसे बड़ी हानि, स्वास्थ्य की हानि है। इससे आपके शरीर के कई अंगों पर एक साथ विपरीत असर पड़ता है। खास तौर से यह आपके दिमाग को भी अपनी चपेट में ले लेता है।
2. नशा करने वाला व्यक्ति हमेशा चिढ़ा हुआ और मानसिक तनाव से ग्रसित होता है।
3. नशा करने वाला व्यक्ति सदैव अपने ख्यालों में ही रहता है, उसे अपने आस-पास के माहौल से ज्यादा मतलब नहीं होता है।
4. नशा करने वाला व्यक्ति आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक सभी से कमजोर होता है।
5. नशा करने वाला व्यक्ति अपने समाज एवं परिवार से बिलकुल दूर हो जाता है।
6. नशा करने वाला व्यक्ति सबसे ज्यादा दुर्घटनाओं का शिकार होता है।
मौका खुशी का हो या दुख का, अपनों का हाथ छोड़कर नशे को साथ रख लेना किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है। अगर आप भी इसे अपनी खुशियों में शामिल कर रहे हैं, तो आपको पता होने चाहिए इसके गंभीर नुकसान।
किसी भी अंग से ज्यादा दिमाग को नुकसान पहुंचाती है नशे की लत:
'नशा आपको हमेशा एडिक्शन यानी लत की ओर ले जाता है। कोई भी नशा नहीं करना चाहिए।' उनका कहना है कि सिगरेट की लत वालों को लगता है कि उनका केवल फेफड़ा कमजोर हो रहा है या शराब पीने वालों को लगता है कि इस नशे का असर उनके लिवर पर हो रहा है, जबकि ऐसा नहीं है। कोई भी नशा हो वो लिवर, किडनी, फेफड़ों से ज्यादा दिमाग को नुकसान पहुंचाता है।
क्या है एडिक्शन?
अमेरिकन साइकेट्रिक एसोसिएशन के अनुसार, एडिक्शन एक मानसिक बीमारी जो किसी एक चीज (शराब, ड्रग्स) के लगातार उपयोग के कारण होती है। व्यक्ति जानता है कि इसका हेल्थ पर काफी बुरा असर पड़ सकता है, लेकिन इसके बावजूद वह इसका इस्तेमाल करता रहता है।
यह चीजें दिमाग के काम करने के तरीकों को प्रभावित करती हैं। नशे की लत से जूझ रहे लोगों में टोलरेंस विकसित हो जाता है, यानी धीरे-धीरे नशे की मात्रा बढ़ने लगती है, क्योंकि जितना नशा वे पहले करते थे, वह अब उन्हें कम लगने लगा है। उदाहरण के लिए पहले एक गिलास शराब पीने वाला व्यक्ति तीन-चार गिलास पीने लगा है। यह संख्या बढ़ती जाती है। ड्रग्स लोग कई कारणों से लेते हैं, इसमें बेहतर महसूस करना, बेहतर काम करना या दबाव जैसी चीजें शामिल होती हैं।
कैसे पहचानें कि आप किसी नशे की लत का शिकार हो गए हैं?
नशे कई तरह के होते हैं और हर तरीके के नशे की लत के स्तर को पता करने का तरीका अलग है। अपने अंदर आए इन तरीकों से आप नशे की लत का पता लगा सकते हैं।
1. न चाहते हुए भी नशा करना:
लत इसी को कहते हैं। गंभीर मामलों में व्यक्ति को पता होता है कि नशा करने से कई तरह से उनका नुकसान हो रहा है, जैसे- सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक, सम्मान। इसके बावजूद नशा करने की तलब होती है।
2. काम या पढ़ाई का लॉस:
नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति का सबसे ज्यादा ध्यान नशा करने पर ही होता है। ऐसे में अगर छात्र इससे जूझ रहा हैं, तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी और कोई काम करने वाला लत का शिकार है, तो उनकी प्रोडक्टिविटी पर असर पड़ेगा।
3. नशे पर खर्च बढ़ना:
लत की तरफ जा रहे लोग जरूरत से ज्यादा पैसा नशे पर खर्च करने लगते हैं। ऐसे में उनपर आर्थिक दबाव बढ़ता है और इसकी वजह से लत में भी इजाफा होता है। अगर आप पहले से ज्यादा पैसा नशे पर खर्च करने लगते हैं, तो यह लत का शुरुआती संकेत हो सकता है।
नशे की लत से कैसे निपटें?
1. धीरे-धीरे नहीं एकदम से नशा छोड़ें:
ज्यादातर लोग धीरे-धीरे नशा छोड़ने के बारे में सोचते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स इससे विपरीत सलाह देते हैं। डॉक्टर विजयवर्गीय के अनुसार, अगर आप लत छोड़ना चाहते हैं, तो एकदम से नशे की चीजों से दूरी बना लें।
2. आत्मविश्वास बढ़ाना होगा:
नशा छोड़ने में सबसे बड़ी भूमिका मजबूत मन और इरादा निभाता है। अगर आपने फैसला कर लिया है कि आप दोबारा नशे को हाथ नहीं लगाएंगे, तो पहले मन में आत्मविश्वास बढ़ाएं। खुद पर भरोसा करना शुरू करें कि इस काम को फिर से नहीं दोहराएंगे।
3. घर वालों का ले सपोर्ट:
इस दौरान सबसे जरूरी चीज घर का सपोर्ट होता है। अगर रिश्तेदार लगातार लत से जूझ रहे व्यक्ति को ताना देते रहेंगे तो उनका शराब या किसी भी तरह के नशे को छोड़ना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में परिवार इस बात को तय करें कि उनका समर्थन करें, न कि कम समझें।
4. पुरानी बीमारी का इलाज करें:
कई बार कोई व्यक्ति किसी बीमारी के कारण ही नशा करना शुरू कर देता है। एक बीमारी को भुलाने के लिए नशे का सहारा लेता है और बाद में इसकी लत स्वास्थ्य पर और बुरा असर डालती है। ऐसे में नशे का कारण जानें और अगर वह कारण एक बीमारी है, तो पहले उसका इलाज कराएं।
5. बुरी चीजों से दूरी:
नशा करने के कई कारण होते हैं। कई बार व्यक्ति किसी दबाव में, दोस्ती के कारण नशा करना शुरू कर देता है। ऐसे में अगर आप नशा छोड़ने के लिए तैयार हो चुके हैं, तो इस तरह की हर चीज से दूरी बना लें। एक्सपर्ट के अनुसार, कोई दोस्त अगर आपको शराब पीने के लिए कह रहा है, तो वह असल में आपका दुश्मन है।
6. नया प्लान तैयार करें:
लत छोड़ने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि आपने नशा करना शुरू क्यों किया था। क्योंकि अगर आप यह कारण जानते हैं, तो आपको भविष्य के लिए रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी। कारण जानने के बाद प्लान बनाएं कि अगर पुरानी स्थिति दोबारा आपके सामने आती है, तो आप क्या करेंगे।
7. विकल्प तलाशें:
लत छोड़ने की कोशिश के दौरान कई बार आप खुद को नशे वाली जगहों पर पाएंगे, जैसे- पार्टी। ऐसे में अपने मन को मजबूत रखें और यह तय करें कि आप यहां केवल शामिल होने आएं हैं, नशा करने नहीं। उदाहरण के लिए अगर पार्टी में शराब चल रही है, तो सॉफ्ट ड्रिंक के विकल्प को चुनें।
8. लाइफस्टाइल में बदलाव:
नशा छोड़ने के लिए आपको मानसिक ही नहीं शारीरिक तौर पर भी तैयार होना होगा। नशा छोड़ने की प्रक्रिया के दौरान अपनी फिजिकल हेल्थ का ख्याल रखें। संतुलित डाइट लें, रात में अच्छी नींद लें और एक्सरसाइज को रुटीन में शामिल करें। डॉक्टर विजयवर्गीय ने बताया कि एक्सरसाइज से मिलने वाला प्लेजर लंबे समय का होता है और लती नहीं होता है।