16/01/2026
सेहत के लिए शानदार सर्दी का मौसम
— सुनील रणावत
सर्दी का मौसम सिर्फ ठंड का नाम नहीं है, यह शरीर को दुरुस्त करने का सबसे अनुकूल समय भी है। आयुर्वेद की दृष्टि से यह वह ऋतु है जब पाचन शक्ति मजबूत होती है, भूख स्वाभाविक रूप से बढ़ती है और शरीर पोषण को बेहतर ढंग से ग्रहण करता है। सही आहार और दिनचर्या अपनाई जाए, तो सर्दी पूरे वर्ष की सेहत की नींव रख सकती है।
ठंड में शरीर की अग्नि प्रबल रहती है। इसी कारण इस मौसम में पौष्टिक और ऊर्जा देने वाले भोजन आसानी से पच जाते हैं। घी, तिल, मूंगफली, गुड़, बाजरा, ज्वार, गेहूं, सूखे मेवे और मौसमी सब्जियां शरीर को बल देती हैं। सूप, दलिया, खिचड़ी और हल्का गरम भोजन न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।
सुबह की हल्की धूप सर्दी की सबसे बड़ी सौगात है। कुछ समय धूप में बैठना विटामिन डी की पूर्ति करता है, हड्डियों को मजबूत बनाता है और मन को भी प्रसन्न रखता है। इस मौसम में नियमित व्यायाम, योग और प्राणायाम करने से शरीर में जकड़न नहीं आती और आलस्य दूर रहता है।
सर्दी में नींद भी गहरी और सुकूनभरी होती है। यह शरीर की मरम्मत का समय होता है। रात को समय पर सोना और सुबह जल्दी उठना दिनभर स्फूर्ति बनाए रखता है। गुनगुने पानी से स्नान और तिल या सरसों के तेल से हल्की मालिश त्वचा को रूखेपन से बचाती है और रक्तसंचार बेहतर करती है।
हालांकि ठंड में लापरवाही भी जल्दी नुकसान पहुंचा सकती है। अत्यधिक ठंडे पेय, देर रात जागना और बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन सर्दी-जुकाम, जोड़ों के दर्द और पाचन समस्याओं को बढ़ा सकता है। संतुलन ही सर्दी की असली कुंजी है।
कुल मिलाकर, सर्दी का मौसम शरीर को मजबूत करने, रोगों से बचाने और नई ऊर्जा पाने का सुनहरा अवसर है। थोड़ी समझदारी और अनुशासन के साथ यह मौसम सेहत का सबसे अच्छा मित्र बन सकता है।