Navkar Ayurveda

Navkar Ayurveda �Navkar Aushdhalaya, Bara Dhana Singoli Distt. Neemuch (M.P.)

25/03/2026

✨ नवरात्र: आत्म-परिवर्तन का शुभ अवसर ✨

नवरात्र केवल देवी आराधना का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने और स्वयं को बेहतर बनाने का भी समय है।

यह वो अवसर है जब हम अपने भीतर छिपी नकारात्मक प्रवृत्तियों—
आलस्य, क्रोध, लोभ और अहंकार—को पहचानकर उन्हें त्यागने का संकल्प ले सकते हैं।

🌿 इन नौ दिनों में यदि हम संयम, साधना और सकारात्मक सोच को अपनाएं,
तो जीवन में नई ऊर्जा, शांति और संतुलन का अनुभव होता है।
सच्ची उपासना तभी है जब हम अपने स्वभाव को भी पवित्र बनाएं।

👉 इस नवरात्र, केवल दीपक ही नहीं…
अपने भीतर की अंधकार को भी दूर करें।
— सुनील रणावत

#नवरात्र #आत्मविकास #सकारात्मकता #आध्यात्म

🔴 सांस फूलना सिर्फ कमजोरी नहीं हो सकता… सावधान रहें!75 वर्षीय एक बुजुर्ग लंबे समय से सांस फूलने की समस्या लेकर आए। शुरुआ...
23/03/2026

🔴 सांस फूलना सिर्फ कमजोरी नहीं हो सकता… सावधान रहें!

75 वर्षीय एक बुजुर्ग लंबे समय से सांस फूलने की समस्या लेकर आए। शुरुआत में इसे सामान्य कमजोरी समझा गया, लेकिन जांच में पता चला कि यह फेफड़ों की पुरानी बीमारी (COPD) और दिल पर बढ़ते दबाव का संकेत था।

👉 लक्षण जो अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं:
- थोड़ी चलने पर सांस फूलना
- रात में या लेटने पर सांस बढ़ना
- बार-बार खांसी या कफ
- पैरों में सुन्नपन या कमजोरी

👉 जांच में क्या सामने आया:
- शरीर में ऑक्सीजन की कमी
- CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) का बढ़ना
- दिल और फेफड़ों पर दबाव

⚠️ ऐसे मामलों में देरी खतरनाक हो सकती है। सही समय पर पहचान और उपचार जरूरी है।

🌿 आयुर्वेदिक सहयोग से राहत संभव
- श्वास तंत्र को मजबूत करने वाली औषधियां
- कफ नियंत्रण और फेफड़ों की सफाई
- शरीर की ताकत और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना

✔️ अगर आपको या आपके परिवार में किसी को:
- लंबे समय से सांस की समस्या
- बार-बार खांसी या कफ
- या अचानक सांस फूलना
-तो इसे हल्के में न लें।

📍 नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639
👉 यहां सभी प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां और परामर्श उपलब्ध है।

नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार के भविष्य को प्रभावित करता है।जिन घरों में शराब, तंबाकू या अन्य नशे की आदत होत...
23/03/2026

नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार के भविष्य को प्रभावित करता है।

जिन घरों में शराब, तंबाकू या अन्य नशे की आदत होती है, वहाँ बच्चे अनजाने में उसी वातावरण को सामान्य मानने लगते हैं। वे वही देखते हैं, वही सीखते हैं और धीरे-धीरे उसी राह पर चलने का खतरा बढ़ जाता है।
बच्चों का मन बहुत कोमल होता है। यदि घर का वातावरण स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित हो तो बच्चे भी अच्छी आदतें अपनाते हैं। लेकिन यदि घर में नशे का माहौल हो, तो बच्चों के मन में गलत जिज्ञासा पैदा हो सकती है और वे कम उम्र में ही नशे की ओर आकर्षित हो सकते हैं।

इसलिए हर माता-पिता और परिवार के सदस्य की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के सामने स्वस्थ जीवनशैली का उदाहरण प्रस्तुत करें।

नशे से दूर रहकर ही हम अपने बच्चों को सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य दे सकते हैं।

यदि परिवार में किसी को नशे की आदत है, तो उसे छोड़ने के लिए आयुर्वेद में प्रभावी उपाय उपलब्ध हैं। सही मार्गदर्शन और उपचार से नशे की लत को धीरे-धीरे छुड़ाया जा सकता है।

नशा छुड़वाने के आयुर्वेदिक उपाय के लिए संपर्क करें —
नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

स्वस्थ परिवार ही स्वस्थ समाज की नींव है।

🌿 व्रत में भी सेहत का संतुलन ज़रूरी है 🌿व्रत केवल आस्था नहीं, बल्कि शरीर और मन को शुद्ध करने का एक श्रेष्ठ अवसर भी है।आय...
21/03/2026

🌿 व्रत में भी सेहत का संतुलन ज़रूरी है 🌿

व्रत केवल आस्था नहीं, बल्कि शरीर और मन को शुद्ध करने का एक श्रेष्ठ अवसर भी है।
आयुर्वेद के अनुसार, यदि व्रत के दौरान सही खानपान अपनाया जाए तो यह शरीर को हल्का, ऊर्जावान और संतुलित बनाता है।

🔸 क्या खाएं?
✔️ फल, मखाना, साबूदाना, कुट्टू व राजगिरा जैसे हल्के और सुपाच्य आहार
✔️ नारियल पानी, छाछ और पर्याप्त मात्रा में पानी
✔️ सूखे मेवे सीमित मात्रा में

🔸 किन बातों का रखें ध्यान?
⚠️ तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन से बचें
⚠️ बहुत देर तक भूखे न रहें, थोड़े-थोड़े अंतराल में हल्का आहार लें
⚠️ शरीर की प्रकृति के अनुसार भोजन चुनें

🔸 क्यों जरूरी है संतुलन?
व्रत के दौरान गलत खानपान से गैस, कमजोरी, चक्कर या एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
सही आहार लेने से शरीर डिटॉक्स होता है और मन भी शांत रहता है।

✨ इस व्रत रखें ध्यान – श्रद्धा के साथ सेहत भी जरूरी है ✨

📍 नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

🌿 स्मरण शक्ति और मानसिक संतुलन का आयुर्वेदिक समाधान — सारस्वतारिष्ट 🌿आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, भूलने की समस्या,...
21/03/2026

🌿 स्मरण शक्ति और मानसिक संतुलन का आयुर्वेदिक समाधान — सारस्वतारिष्ट 🌿

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, भूलने की समस्या, एकाग्रता की कमी और मानसिक थकान आम हो गई है। ऐसे में आयुर्वेद का एक विश्वसनीय और प्रभावी उपाय है — सारस्वतारिष्ट।

✨ सारस्वतारिष्ट के प्रमुख लाभ:
🔸 स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक
🔸 मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद में लाभकारी
🔸 बच्चों और विद्यार्थियों के लिए विशेष उपयोगी
🔸 वाणी दोष (हकलाना आदि) में सहायक
🔸 अनिद्रा और मानसिक अशांति में राहत

यह एक पारंपरिक आयुर्वेदिक टॉनिक है, जो मस्तिष्क को पोषण देकर उसे संतुलित और सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है।

📍 सभी प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध हैं —
👉 चूर्ण, वटी, आसव-अरिष्ट, घृत, तेल आदि
🏥 नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

🌱 स्वस्थ मन, सशक्त जीवन — आयुर्वेद के साथ 🌱

महिलाओं में बढ़ता हृदयघात का खतरा… क्या हम सचेत हैं?आज के दौर में हृदय रोग केवल पुरुषों तक सीमित नहीं रहे। तेजी से बदलती...
20/03/2026

महिलाओं में बढ़ता हृदयघात का खतरा… क्या हम सचेत हैं?

आज के दौर में हृदय रोग केवल पुरुषों तक सीमित नहीं रहे। तेजी से बदलती जीवनशैली, मानसिक तनाव, हार्मोनल असंतुलन और अनियमित खान-पान के कारण महिलाओं में भी हृदयघात (Heart Attack) का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

🔴 चिंताजनक संकेत
महिलाओं में हृदय रोग के लक्षण अक्सर अलग होते हैं, जैसे:
सीने में हल्का दर्द या दबाव
अत्यधिक थकान और कमजोरी
घबराहट या बेचैनी
सांस लेने में परेशानी
कंधे, गर्दन या पीठ में दर्द
इन्हें अक्सर सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकता है।

🌿 आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद में हृदय को "प्राण का केंद्र" माना गया है।
हृदय रोग का मुख्य कारण त्रिदोष असंतुलन (विशेषकर वात और कफ) माना जाता है।

✔️ आयुर्वेदिक उपाय:
अर्जुन: हृदय को मजबूत बनाता है
आंवला: एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, धमनियों को स्वस्थ रखता है
गुग्गुलु: कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में सहायक
नियमित योग, प्राणायाम और संतुलित आहार

💚 जीवनशैली में छोटे बदलाव, बड़ा लाभ
समय पर भोजन और पर्याप्त नींद
तनाव से दूरी
रोजाना हल्का व्यायाम
तैलीय और प्रोसेस्ड फूड से परहेज

👉 अगर समय रहते सावधानी और सही उपचार अपनाया जाए, तो हृदय रोग से बचाव संभव है।

📍 नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
यहां हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी आयुर्वेदिक औषधियां और व्यक्तिगत परामर्श उपलब्ध हैं।
📞 संपर्क: 8358078639
स्वस्थ हृदय, स्वस्थ जीवन — यही सच्ची संपत्ति है।

बचपन को बचाइए, सिर्फ भविष्य नहीं… 🌿आज का दौर तकनीक और प्रतिस्पर्धा का है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा आगे बढ़े,...
17/03/2026

बचपन को बचाइए, सिर्फ भविष्य नहीं… 🌿

आज का दौर तकनीक और प्रतिस्पर्धा का है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा आगे बढ़े, सफल बने, सबसे बेहतर करे। लेकिन इसी दौड़ में कहीं न कहीं बचपन सिमटता जा रहा है।
बच्चों के हाथों में खिलौनों की जगह मोबाइल आ गए हैं, खेल के मैदानों की जगह स्क्रीन ने ले ली है, और मासूम हंसी की जगह प्रदर्शन का दबाव बढ़ता जा रहा है।
जरूरी है कि हम रुककर सोचें—
क्या हम बच्चों को सिर्फ सफल बना रहे हैं, या खुश भी?
👉 आधुनिकता अपनाना जरूरी है, लेकिन संस्कारों को छोड़कर नहीं।
👉 प्रतिस्पर्धा सिखाना ठीक है, लेकिन बचपन छीनकर नहीं।
👉 तकनीक का उपयोग हो, लेकिन सीमाओं के साथ।

बच्चों को समय दें, उनसे बात करें, उन्हें खुलकर खेलने दें, गलतियां करने दें… क्योंकि यही पल उनका असली बचपन हैं।

याद रखिए —
मजबूत भविष्य वही बनाता है, जिसका बचपन संतुलित और खुशहाल हो।
– सुनील रणावत

मोटापे के बोझ में दबता बचपन– डॉ. सुनील रणावतआज का बचपन पहले जैसा नहीं रहा। मैदानों की दौड़-भाग, मिट्टी में खेलना और खुली...
13/03/2026

मोटापे के बोझ में दबता बचपन
– डॉ. सुनील रणावत

आज का बचपन पहले जैसा नहीं रहा। मैदानों की दौड़-भाग, मिट्टी में खेलना और खुली हवा में घंटों मस्ती करना अब मोबाइल स्क्रीन और जंक फूड के बीच कहीं खोता जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि कम उम्र में ही बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है।
मोटापा केवल शरीर का बढ़ा हुआ वजन नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर समस्याओं की शुरुआत भी हो सकता है। मोटापे से ग्रस्त बच्चों में थकान, आत्मविश्वास की कमी, सांस फूलना, मधुमेह की आशंका, हृदय रोग और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं समय से पहले दिखाई देने लगी हैं।
चिंता की बात यह है कि कई माता-पिता बच्चे के गोल-मटोल शरीर को सेहत का प्रतीक मान लेते हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ सरल बातों पर ध्यान देना आवश्यक है—
• रोजाना कम से कम एक घंटे खेलकूद या शारीरिक गतिविधि
• मोबाइल और टीवी का सीमित उपयोग
• घर का ताजा और संतुलित भोजन
• जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों से दूरी
• पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या

याद रखें, स्वस्थ बचपन ही स्वस्थ भविष्य की नींव है।
यदि आज हम बच्चों की जीवनशैली को सही दिशा देंगे, तो कल वे स्वस्थ और आत्मविश्वासी नागरिक बन सकेंगे।
बचपन को मोटापे के बोझ से नहीं, स्वास्थ्य और ऊर्जा से भरने का समय अभी है।

🌿 नीम: शरीर की प्राकृतिक सफाई का सरल उपायजब मौसम बदलता है तो शरीर में कई प्रकार की समस्याएं बढ़ने लगती हैं। आयुर्वेद के ...
12/03/2026

🌿 नीम: शरीर की प्राकृतिक सफाई का सरल उपाय

जब मौसम बदलता है तो शरीर में कई प्रकार की समस्याएं बढ़ने लगती हैं। आयुर्वेद के अनुसार ऐसे समय शरीर की आंतरिक शुद्धि बहुत आवश्यक होती है, और नीम इसमें अत्यंत सहायक माना गया है।

नीम के नियमित सेवन से मिलने वाले लाभ:
✔️ शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक
✔️ त्वचा को साफ और स्वस्थ बनाए रखने में मददगार
✔️ रक्त को शुद्ध करने में उपयोगी
✔️ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है
✔️ मौसमी संक्रमण से बचाव में सहायक
नीम भले ही स्वाद में कड़वा हो, लेकिन इसके गुण शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। आयुर्वेद में इसे स्वास्थ्य की रक्षा करने वाली महत्वपूर्ण औषधि माना गया है।
प्रकृति के इस अमूल्य उपहार को अपनाएं और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

📍 नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

सूखे मेवे: सेहत का छोटा पैकेट, बड़े फायदेसूखे मेवे (dry fruits) प्रकृति का ऐसा उपहार हैं, जिनमें कम मात्रा में भी भरपूर ...
11/03/2026

सूखे मेवे: सेहत का छोटा पैकेट, बड़े फायदे

सूखे मेवे (dry fruits) प्रकृति का ऐसा उपहार हैं, जिनमें कम मात्रा में भी भरपूर पोषण छिपा होता है। यदि इन्हें सही मात्रा और सही तरीके से आहार में शामिल किया जाए, तो यह शरीर को ऊर्जा, शक्ति और रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।

सूखे मेवे खाने के प्रमुख फायदे —
• शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं और कमजोरी दूर करते हैं।
• दिमाग को ताकत देते हैं, याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाते हैं।
• हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं।
• शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।
• त्वचा और बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं।
• पाचन को बेहतर बनाते हैं और शरीर को आवश्यक विटामिन-मिनरल प्रदान करते हैं।

बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश, अंजीर, पिस्ता जैसे सूखे मेवे यदि सीमित मात्रा में रोजाना खाए जाएं तो यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होते हैं।

स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार और सही आयुर्वेदिक मार्गदर्शन भी उतना ही आवश्यक है।

सभी प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध हैं —
नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

स्त्री स्वास्थ्य के लिए अमृत समान – लोध्रासवआजकल महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म, अत्यधिक रक्तस्राव, कमजोरी, श्वेत प्रदर ...
10/03/2026

स्त्री स्वास्थ्य के लिए अमृत समान – लोध्रासव

आजकल महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म, अत्यधिक रक्तस्राव, कमजोरी, श्वेत प्रदर (सफेद पानी) और हार्मोन असंतुलन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। आयुर्वेद में इन समस्याओं के समाधान के लिए लोध्रासव एक अत्यंत प्रभावी और प्रसिद्ध औषधि मानी जाती है।

लोध्रासव के प्रमुख फायदे –
• मासिक धर्म को नियमित करने में सहायक
• अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित करने में उपयोगी
• श्वेत प्रदर (सफेद पानी) की समस्या में लाभकारी
• गर्भाशय को मजबूत बनाने में सहायक
• शरीर की कमजोरी और थकान को कम करने में मददगार
• स्त्री रोगों में संतुलन बनाकर संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर करता है

नियमित और उचित मात्रा में चिकित्सकीय परामर्श से सेवन करने पर यह स्त्री स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।

यदि आप या आपके परिवार में किसी को स्त्री रोग, कमजोरी, पाचन समस्या, जोड़ों का दर्द, त्वचा रोग या अन्य किसी स्वास्थ्य समस्या के लिए आयुर्वेदिक उपचार चाहिए, तो संपर्क करें।
सभी प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध।

- नवकार आयुर्वेदा
📍 बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

08/03/2026

मोबाइल और सोशल मीडिया: बच्चों के भविष्य के लिए सावधानी जरूरी

आज का दौर डिजिटल है। मोबाइल और सोशल मीडिया ने हमारी जिंदगी को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग कई नई समस्याएं भी खड़ी कर रहा है। खासतौर पर बच्चों पर इसके दुष्प्रभाव तेजी से सामने आ रहे हैं।
इसी चिंता को देखते हुए कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सरकारों ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर रोक लगाने की पहल की है। यह कदम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सुरक्षित भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई बार बच्चे अनजाने में अश्लील, हिंसक या भ्रामक सामग्री देख लेते हैं, जिससे उनके मन और व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं देर रात तक मोबाइल चलाने की आदत से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती, एकाग्रता कम हो जाती है और पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
बच्चों का बचपन मोबाइल की स्क्रीन में नहीं, बल्कि खेल, पढ़ाई, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के साथ बिताए समय में होना चाहिए।
इसलिए जरूरी है कि अभिभावक समय रहते सतर्क रहें और बच्चों को मोबाइल के सीमित व सुरक्षित उपयोग के लिए प्रेरित करें।
आइए मिलकर बच्चों को एक स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य दें।
— सुनील रणावत

Address

Navkar Aushdhalaya, Bara Dhana
Singoli
458228

Telephone

+918358078639

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Navkar Ayurveda posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Navkar Ayurveda:

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram