Navkar Ayurveda

Navkar Ayurveda �Navkar Aushdhalaya, Bara Dhana Singoli Distt. Neemuch (M.P.)

सर्दियों का सुपरफूड मूलीताजा, कुरकुरी और सेहत से भरी मूली केवल सलाद की शोभा नहीं, शरीर की सफाई और पाचन सुधारने वाली प्रा...
29/12/2025

सर्दियों का सुपरफूड मूली

ताजा, कुरकुरी और सेहत से भरी मूली केवल सलाद की शोभा नहीं, शरीर की सफाई और पाचन सुधारने वाली प्राकृतिक औषधि है। इसमें फाइबर भरपूर होता है जिससे कब्ज में राहत मिलती है और यह लीवर तथा किडनी की डिटॉक्स में भी मददगार मानी जाती है। विटामिन सी प्रतिरक्षा बढ़ाता है, इसलिए सर्दी-जुकाम के मौसम में खास तौर पर फायदेमंद।
गुड़ या नींबू के साथ सलाद, पराठा या रायता किसी भी रूप में शामिल करें। छोटी सी मूली रोज की थाली में सेहत का बड़ा लाभ जोड़ सकती है।
— सुनील रणावत

शास्त्रोक्त विधि से निर्मित च्यवनप्राशजब च्यवनप्राश अपनी मूल आयुर्वेदिक पद्धति से तैयार होता है, तो उसका स्वभाव ही बदल ज...
27/12/2025

शास्त्रोक्त विधि से निर्मित च्यवनप्राश
जब च्यवनप्राश अपनी मूल आयुर्वेदिक पद्धति से तैयार होता है, तो उसका स्वभाव ही बदल जाता है। इसमें सिर्फ स्वाद नहीं, जड़ों और वनौषधियों की पूरी शक्ति शामिल होती है।

क्यों है यह च्यवनप्राश अलग और बेहतर?
• आंवला, दशमूल, असगंध, पीपली, इलायची और घी जैसी द्रव्यों का प्रयोग उसी क्रम में किया जाता है, जैसा शास्त्र बताते हैं।
• किसी भी तरह के फ्लेवर, परिरक्षक या कृत्रिम रंग शामिल नहीं किए जाते।
• पकाने की प्रक्रिया धीमी रहती है, जिससे औषधीय गुण पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
• हर बैच सीमित मात्रा में बनाया जाता है, ताकि गुणवत्ता नियंत्रित रहे।

मुख्य फायदे
• शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है।
• सांस व श्वसन तंत्र को सहारा देता है।
• पाचन सुधरता है और बल–ओज बढ़ता है।
• सर्दी के मौसम में ऊर्जा और गर्माहट बनाए रखने में मदद करता है।
• बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए खास रूप से उपयोगी।

यह च्यवनप्राश बाजार में मिलने वाले साधारण उत्पादों जैसा नहीं है। यह समय, श्रम और परंपरा से बने एक विश्वसनीय आयुर्वेदिक योग का अनुभव देता है।

1809 में आज ही पहली बार अमेरिकी चिकित्सक एप्रैम मैकडावेल ने सर्जरी के माध्यम से 45 वर्षीय जेन क्राफोर्ड के गर्भाशय से नौ...
25/12/2025

1809 में आज ही पहली बार अमेरिकी चिकित्सक एप्रैम मैकडावेल ने सर्जरी के माध्यम से 45 वर्षीय जेन क्राफोर्ड के गर्भाशय से नौ किलो की गांठ को सफलतापूर्वक निकाला था। इस प्रक्रिया में 30 मिनट लगे और इसे बिना किसी एनेस्थीसिया के किया गया। जेन 78 साल की उम्र तक जीवित रहीं।

सहजन की पत्तियां क्यों कहलाती हैं अमृत?आयुर्वेद में सहजन की पत्तियों को यूं ही अमृत नहीं कहा गया। ये छोटी-सी पत्तियां पो...
23/12/2025

सहजन की पत्तियां क्यों कहलाती हैं अमृत?

आयुर्वेद में सहजन की पत्तियों को यूं ही अमृत नहीं कहा गया। ये छोटी-सी पत्तियां पोषण का बड़ा खजाना हैं।
• शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं
• खून की कमी में सहायक, क्योंकि इनमें आयरन प्रचुर मात्रा में होता है
• हड्डियों और जोड़ों के लिए कैल्शियम का अच्छा स्रोत
• पाचन को सुधारती हैं और पेट को हल्का रखती हैं
• शुगर और कोलेस्ट्रॉल संतुलन में सहायक
• त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी
सहजन की पत्तियों का नियमित सेवन शरीर को भीतर से पोषण देता है। साग, काढ़ा या चूर्ण, हर रूप में यह स्वास्थ्य का भरोसेमंद साथी है।

प्रकृति ने जिस पौधे को अमृत बनाया है, उसे अपनी दिनचर्या में जगह जरूर दें।
— नवकार आयुर्वेदा, सिंगोली

बालों का रंग नहीं, सेहत ज्यादा जरूरी है 🌿अगर आप बालों में बार-बार केमिकल कलर लगाती हैं, तो थोड़ा सावधान होना जरूरी है। अ...
20/12/2025

बालों का रंग नहीं, सेहत ज्यादा जरूरी है 🌿

अगर आप बालों में बार-बार केमिकल कलर लगाती हैं, तो थोड़ा सावधान होना जरूरी है। अधिक कलर करने से बालों की नमी खत्म हो जाती है, बाल रूखे हो जाते हैं और उनकी प्राकृतिक चमक भी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
इसकी बजाय मेहंदी का उपयोग एक बेहतर विकल्प है। मेहंदी न सिर्फ बालों को प्राकृतिक रंग देती है, बल्कि उन्हें पोषण भी देती है और मजबूती बनाए रखती है।
खूबसूरती वही है जो सेहत के साथ हो।
रसायन कम करें, प्रकृति अपनाएं।
- डॉ. सुनील रणावत

ईसबगोल के फायदे: पाचन से लेकर दिल की सेहत तक- सुनील रणावत ईसबगोल आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान, दोनों में एक भरोसेमंद ...
18/12/2025

ईसबगोल के फायदे: पाचन से लेकर दिल की सेहत तक
- सुनील रणावत

ईसबगोल आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान, दोनों में एक भरोसेमंद प्राकृतिक औषधि माना जाता है। यह मुख्य रूप से प्लांटैगो ओवाटा पौधे के बीजों की भूसी से प्राप्त होता है और घुलनशील फाइबर का उत्कृष्ट स्रोत है। रोजमर्रा की कई छोटी-बड़ी समस्याओं में ईसबगोल सरल और सुरक्षित समाधान दे सकता है।

1. कब्ज में सबसे कारगर
ईसबगोल का सबसे बड़ा लाभ कब्ज में मिलता है। यह पानी सोखकर मल को नरम और भारी बनाता है, जिससे आंतों की गति सहज होती है। नियमित और दर्दरहित मल त्याग में यह बेहद सहायक है।

2. गैस और अपच में राहत
ईसबगोल पाचन तंत्र को शांत करता है। यह आंतों की भीतरी परत पर एक सुरक्षात्मक परत बनाकर जलन, गैस और भारीपन को कम करता है। भोजन के बाद होने वाली बेचैनी में भी लाभ देता है।

3. दस्त में भी उपयोगी
कम लोग जानते हैं कि ईसबगोल दस्त में भी मददगार है। यह आंतों में अतिरिक्त पानी को अवशोषित कर मल को बांधता है और बार-बार होने वाली पतली दस्त की समस्या को नियंत्रित करता है।

4. कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य
ईसबगोल का घुलनशील फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में सहायक माना जाता है। इससे हृदय रोगों का जोखिम घट सकता है और रक्त नलिकाओं की सेहत बेहतर रहती है।

5. वजन नियंत्रण में सहायक
पानी के साथ लेने पर ईसबगोल पेट में फैलकर तृप्ति का अहसास देता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और अनावश्यक खाने से बचाव होता है। वजन घटाने के प्रयास में यह एक उपयोगी सहायक हो सकता है।

6. मधुमेह में लाभ
ईसबगोल भोजन के बाद शुगर के तेजी से बढ़ने को धीमा करता है। यह कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की गति को कम करता है, जिससे ब्लड शुगर संतुलन में मदद मिल सकती है।

सेवन कैसे करें
कब्ज में: 1–2 चम्मच ईसबगोल गुनगुने दूध या पानी के साथ रात को लें।

दस्त में: दही के साथ 1 चम्मच ईसबगोल लाभकारी होता है।

वजन नियंत्रण के लिए: भोजन से पहले पानी के साथ लिया जा सकता है।

ईसबगोल हमेशा पर्याप्त पानी या तरल के साथ लें। सूखा ईसबगोल लेने से गले या आंतों में रुकावट हो सकती है। किसी गंभीर या लंबे समय से चली आ रही समस्या में चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

ईसबगोल एक साधारण दिखने वाला, लेकिन बहुउपयोगी प्राकृतिक उपाय है। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन किया जाए, तो यह पाचन, हृदय और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक भरोसेमंद साथी बन सकता है।

सर्दियों का सुपरफूड – तुलसीसर्दियों में अगर एक पत्ता रोजमर्रा की सेहत की ढाल बन सकता है, तो वह है तुलसी।तुलसी शरीर की रो...
16/12/2025

सर्दियों का सुपरफूड – तुलसी

सर्दियों में अगर एक पत्ता रोजमर्रा की सेहत की ढाल बन सकता है, तो वह है तुलसी।
तुलसी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, सर्दी-खांसी और जुकाम से बचाव करती है और बदलते मौसम में शरीर को संतुलन में रखती है।

सुबह खाली पेट तुलसी के पत्ते, तुलसी की चाय या गुनगुने पानी में तुलसी का सेवन
• गले को राहत देता है
• सांस के रोगों में सहायक है
• पाचन को बेहतर बनाता है
• तनाव कम करने में मदद करता है

आयुर्वेद में तुलसी को अमृत समान माना गया है। इस सर्दी इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रहें।

– नवकार आयुर्वेदा, सिंगोली

खजूर : प्राकृतिक ऊर्जा और सेहत का मीठा खजानाखजूर केवल स्वादिष्ट फल नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसे बलवर्धक और पौष्टिक आह...
15/12/2025

खजूर : प्राकृतिक ऊर्जा और सेहत का मीठा खजाना

खजूर केवल स्वादिष्ट फल नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसे बलवर्धक और पौष्टिक आहार माना गया है। रोजमर्रा की थकान से लेकर कमजोरी तक, खजूर कई स्वास्थ्य समस्याओं में सहायक है। खास बात यह है कि यह आसानी से उपलब्ध और हर उम्र के लोगों के लिए उपयोगी है।
ऊर्जा का प्राकृतिक स्रोत
खजूर में प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है। कमजोरी, थकान या लंबे उपवास के बाद खजूर का सेवन शरीर को जल्दी संभालता है।
पाचन को बनाए मजबूत
खजूर में भरपूर फाइबर होता है, जो कब्ज की समस्या में राहत देता है। नियमित सेवन से पाचन तंत्र सक्रिय रहता है और गैस, अपच जैसी परेशानियां कम होती हैं।
खून की कमी में लाभकारी
आयरन से भरपूर खजूर हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए यह एक सरल और सुरक्षित विकल्प है।
हड्डियों और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद
खजूर में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और जोड़ों की कमजोरी में सहायक होते हैं।
दिल की सेहत का साथी
खजूर में मौजूद पोटैशियम हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने और हृदय की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है।
कैसे करें सेवन
सुबह खाली पेट 2–3 खजूर गुनगुने दूध के साथ
भिगोए हुए खजूर बच्चों और बुजुर्गों के लिए अधिक लाभकारी
अत्यधिक सेवन से बचें, संतुलन जरूरी है
खजूर प्रकृति की ओर से मिला ऐसा उपहार है, जो स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखता है। इसे अपने दैनिक आहार में शामिल कर शरीर को भीतर से मजबूत बनाएं।
— नवकार आयुर्वेदा, सिंगोली

नवकार आयुर्वेदा, सिंगोली का शास्त्रोक्त विधि से बना च्यवनप्राश अब उपलब्ध है।करीब 50 जड़ी-बूटियों से तैयार यह पारंपरिक रस...
14/12/2025

नवकार आयुर्वेदा, सिंगोली का शास्त्रोक्त विधि से बना च्यवनप्राश अब उपलब्ध है।
करीब 50 जड़ी-बूटियों से तैयार यह पारंपरिक रसायन शरीर को भीतर से मजबूत बनाने के लिए जाना जाता है।
यह रोजमर्रा की थकान से लेकर मौसमी बीमारियों तक, कई स्तरों पर आपका साथ देता है। प्रतिरक्षा बढ़ाता है, ऊर्जा सुधारता है और शरीर से हानिकारक तत्व बाहर निकालने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है और कोलेस्ट्रॉल पर भी नियंत्रण रहता है।
च्यवनप्राश दिमाग के लिए भी उपयोगी माना जाता है। यह याददाश्त और एकाग्रता को सपोर्ट करता है। त्वचा के लिए इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण फायदेमंद हैं और रंगत निखारने में मदद करते हैं।
सर्दियों में इसे गर्म दूध के साथ 1 से 2 चम्मच लेना खास लाभकारी रहता है। बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी यह उत्कृष्ट है।
स्वास्थ्य, ऊर्जा और रोग प्रतिरोध का भरोसेमंद साथी
नवकार आयुर्वेदा, सिंगोली का च्यवनप्राश
एक बार जरूर आजमाएं।

सर्दी में मेथी को बनाएं साथी– डॉ. सुनील रणावतसर्दियों का मौसम जहां एक ओर ठंड और सुस्ती लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर शरीर क...
13/12/2025

सर्दी में मेथी को बनाएं साथी
– डॉ. सुनील रणावत

सर्दियों का मौसम जहां एक ओर ठंड और सुस्ती लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर शरीर की पाचन शक्ति भी कमजोर पड़ने लगती है। ऐसे में आयुर्वेद हमें कुछ ऐसे सरल उपाय देता है, जो रसोई में ही मौजूद होते हैं। मेथी उन्हीं में से एक है। सस्ती, आसानी से उपलब्ध और गुणों से भरपूर मेथी सर्दियों में सेहत की भरोसेमंद साथी बन सकती है।

आयुर्वेद में मेथी का महत्व

आयुर्वेद के अनुसार मेथी की तासीर गर्म होती है। यह वात और कफ को संतुलित करती है, जो सर्दियों में अधिक बढ़ जाते हैं। मेथी पाचन को मजबूत करती है, शरीर में गर्माहट बनाए रखती है और जोड़ों की जकड़न में राहत देती है।

सर्दी में मेथी के प्रमुख फायदे

पाचन तंत्र को मजबूत करती है
सर्दियों में अपच, गैस और कब्ज आम समस्या है। मेथी इन समस्याओं को दूर करने में सहायक है।

जोड़ों के दर्द में राहत
ठंड में गठिया और जोड़ों के दर्द की शिकायत बढ़ जाती है। मेथी का नियमित सेवन सूजन और दर्द को कम करता है।

ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायक
मेथी दाना मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी माना जाता है, खासकर सर्दियों में जब शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है।

इम्युनिटी को मजबूत बनाती है
मेथी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है, जिससे सर्दी, खांसी और संक्रमण से बचाव होता है।

मेथी सेवन के आसान तरीके

- रात को एक चम्मच मेथी दाना पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट चबाकर खाएं।

- मेथी दाना हल्का भूनकर उसका चूर्ण बनाकर गुनगुने पानी के साथ लें।

- हरी मेथी की सब्जी या पराठा सर्दियों में नियमित रूप से भोजन में शामिल करें।

सावधानी भी जरूरी

मेथी अत्यंत लाभकारी है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में जलन या कमजोरी महसूस हो सकती है। गर्भवती महिलाएं और गंभीर रोग से ग्रस्त व्यक्ति सेवन से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

सर्दियों में यदि आप अपनी दिनचर्या में मेथी को सही तरीके से शामिल कर लें, तो यह दवा और भोजन दोनों का काम करती है। आयुर्वेद का यही संदेश है कि छोटी-छोटी आदतें ही लंबे समय तक स्वस्थ जीवन का आधार बनती हैं।
इस सर्दी, मेथी को सच में अपना साथी बनाइए।

सर्दी का सुपरफूड – हल्दीठंड में शरीर को अंदर से गर्म रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हल्दी बेहतरीन मानी जाती ...
11/12/2025

सर्दी का सुपरफूड – हल्दी

ठंड में शरीर को अंदर से गर्म रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हल्दी बेहतरीन मानी जाती है। इसके प्राकृतिक गुण सर्दी, खांसी, जकड़न और संक्रमण से बचाव में मदद करते हैं।

हल्की सी हल्दी रोज के आहार में शामिल करने से
• पाचन बेहतर होता है
• शरीर में सूजन कम होती है
• त्वचा स्वस्थ और चमकदार रहती है
• इम्युनिटी मजबूत होती है

चाय, दूध, सब्जी या गुनगुने पानी में इसे आसानी से लिया जा सकता है।
इस मौसम में हल्दी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं।

— डॉ. सुनील रणावत

सिंघाड़ा: हाई ब्लड प्रेशर में मददगार एक सरल फल- नवकार आयुर्वेदा, सिंगोलीसर्दियों में मिलने वाला सिंघाड़ा दिल की सेहत के ...
09/12/2025

सिंघाड़ा: हाई ब्लड प्रेशर में मददगार एक सरल फल
- नवकार आयुर्वेदा, सिंगोली

सर्दियों में मिलने वाला सिंघाड़ा दिल की सेहत के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। इसमें मौजूद पोटेशियम शरीर में सोडियम के असर को कम करता है, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को भी नीचे लाने में सहायक है, इसलिए हाई बीपी वालों के लिए यह एक अच्छा प्राकृतिक विकल्प बन जाता है।
दिल को मजबूत रखने के लिए अपनी सर्दियों की प्लेट में सिंघाड़ा जरूर शामिल करें।

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