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We wish you all a happy , healthy and prosperous Dhan teras.Dr Navneet GargShubh plus diagnosticsSri Ganganagar
29/10/2024

We wish you all a happy , healthy and prosperous Dhan teras.

Dr Navneet Garg
Shubh plus diagnostics
Sri Ganganagar

पैसा बहुत सारे लोग कमाते है....लेकिन कुछ ही होते है जो पैसों के साथ साथ इज्जत भी कमाते है,रतन टाटा जी उन्हीं कुछ लोगों म...
10/10/2024

पैसा बहुत सारे लोग कमाते है....लेकिन कुछ ही होते है जो पैसों के साथ साथ इज्जत भी कमाते है,रतन टाटा जी उन्हीं कुछ लोगों में से है..जिन्होंने भारत के हर आदमी के दिल में अपनी जगह बनाई है। उनके जीवन से हमेशा हमे प्रेरणा मिलती रहेगी
नमन

कहानी है  पिता और उनके पुत्र की....कहानी है एक अधूरे सपने की .....और  उसकी सफलता के शिखर तक की यात्रा की।पिता  का नाम सु...
05/09/2024

कहानी है पिता और उनके पुत्र की....कहानी है एक अधूरे सपने की .....और उसकी सफलता के शिखर तक की यात्रा की।
पिता का नाम सुरेंद्र सोनी है...हमारे मित्र है...आजकल नोहर में एक मेडिकल स्टोर का संचालन करते है और एक फार्मा कंपनी भी चलाते है । सुरेंद्र सोनी जी अपने समय में साइंस के विद्यार्थी थे और बाकी सब की तरह इनका सपना भी डाक्टर बनने का था ...और उसके लिए अथक प्रयास और मेहनत भी की.... PMT परीक्षा में चयन के लिए हर संभव प्रयास किया ...लेकिन एक के बाद एक 5 प्रयास के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगी...सफलता और सुरेंद्र जी के बीच हमेशा कुछ फासला रह जाता ..कभी कम कभी ज्यादा....उन्हें आयुर्वेदा/ BDS में दाखिला मिल रहा था लेकिन वो उन्हें स्वीकार्य नहीं था....सपना अधूरा रह गया ... किस्मत से हार कर सुरेंद्र जी ने अपना काम शुरू कर दिया.....लेकिन सुरेंद्र जी ने इस सपने को मरने नहीं दिया....उनके अंदर वो धड़कता रहा ....समय बदला ....शादी बच्चे ....काम के बाद. ....आज 25 साल बाद फिर वो सपना उनके सामने आ खड़ा हुआ ...इस बार उनका बेटा शुभम इस रणभूमि में था... पिता के अधूरे सपने मे अपने सपने को जोड़कर शुभम ने 11 और 12 कक्षा के साथ साथ Neet तैयारी की. बहुत सारे अधूरे सपनों और उम्मीदों का बोझ था .. exam दिया...... पेपर बहुत अच्छा गया....जब परिणाम आया था .....वो अलग था ...बहुत सुखदाई था....बेटे ने 720 में से 715 अंक प्राप्त किए ..... और जब काउंसलिंग हुई तो शुभम को भारत के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज AIIMS Delhi में दाखिला प्राप्त हुआ । 2 sep 2024 को बेटे का प्रथम दिन था कॉलेज में.... सुरेंद्र सोनी जी और उनके बेटे ने एक तस्वीर ली.....AIIMS के सामने . ...दुनिया के एक बेहतरीन मेडिकल कॉलेज के सामने ....पिता की छाती निश्चित ही गर्व से फूली हुई होगी... उनके अधूरे सपने का दर्द जरूर कम हुआ होगा...ये फोटो एक चैंपियन के ट्रॉफी उठाने के समान है... सुरेंद्र सोनी जी एक खिलाड़ी के रूप में जो ट्रॉफी नही उठा सके वो एक कोच के रूप में उठाई.. बहुत सारे बच्चों ने Neet clear किया ...लेकिन इस जीत की मिठास कुछ अलग है... और जब ये सफलता एक छोटे कस्बे और मध्यम वर्ग के बच्चे को मिलती है तो उस सफलता का मोल और बढ़ जाता है।
शुभम को शाबाशी....इस जीत की बहत बहुत बधाई....सपने को हकीकत के धरातल पर उतरते देखना बड़ा ही सुखद होता है.....लेकिन इस कहानी में शुभम ने सफलता शिखर छुआ है। उम्मीद है शुभम की कहानी समाज के हजारों अधूरे सपनों को फिर से नए पंख देगी ।
पिता ...पुत्र और पूरे परिवार को शुभ प्लस की तरफ से बहुत बहुत बधाई।

सुरेंद्र सोनी जी और उनके पुत्र को समर्पित ये पंक्तियां बिलकुल सटीक है....
"इतनी शिद्दत से मैने तुझे पाने की कोशिश की है...
की हर जर्रे ने मुझे तुझ से मिलाने की साजिश की है।"

Dr Navneet Garg
Shubh plus diagnostic
Sri Ganganagar

17/08/2024
Today morning a special patient named herry visited  our x- ray department  after getting injured during a tense fight w...
30/07/2024

Today morning a special patient named herry visited our x- ray department after getting injured during a tense fight with stray dogs...got spinal injury....

आज सुबह एक प्यारा सा मरीज हमारे पास xray करवाने आया नाम है हैरी .... सुबह इसकी गली के कुत्तों के साथ लड़ाई हुई जिसमे इसकी स्पाइन में फ्रेक्चर पाया गया।
ये जानवर हमे बहुत कुछ सिखाते है....सबसे उपर है....वफादारी और विश्वास ।

10/06/2024

Fatty liver

आज के दौर में अगर किसी बीमारी के नाम पे सबसे ज़्यादा लोगों को डराया जा रहा है तो वो है Fatty लिवर|

आज हम सरल शब्दों में जानेंगे इस बीमारी की बारे में।

लिवर आपके शरीर के दायें भाग में रहता है और इसका मुख्य काम पाचन कार्य में मदद और शरीर से toxins को हटाना है। अर्थात् Liver ही आपके शरीर को डीटॉक्स करता है।

अगर आपके शरीर में fat की मात्रा बढ़ जाये तो वो आपके लिवर में जमा हो जाता और fatty liver में तब्दील हो जाता।
अगर सही समय पर ये ठीक नहीं हुआ तो स्वस्थ्य लिवर के cells डैमेज हो कर कड़े हो जाते या यूँ कहें कि cirrhosis में तब्दील हो जाती

इसके मुख्यतः दो प्रकार हैं
१) Alcoholic Fatty Liver Disease
जो की शराब की वजह से होता है।

२) Non Alcoholic fatty liver Disease जो शराब छोड़ कर अन्य कारणों से होता है।
इसमें मुख्य कारण हैं मोटापा, शुगर या बीपी की बीमारी, तेलीय चीज़ों का सेवन, अनिंद्रा, शरीर में अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल की मात्रा। कई दवाइयाँ भी आपके लिवर को damage कर सकती है।

दवाइयों में modern medicine (जिसे आप एलोपैथी कहते हैं) की कई दवाइयाँ जैसे की steroid, aspirin, कई painkillers इत्यादि शामिल हैं।
कई ट्रेडिशनल विधि जैसे की आयुर्वेदिक और होमियोपैथिक दवाइयाँ भी लिवर को damage करती हैं।

लक्षण
शुरुआती दौर में जैसे की Grade 1 में सामान्यतः कोई लक्षण नहीं होते। और routine checkup में ये पकड़ में आता है।

Grade 2 में अपच, गैस की समस्या, भूख कम लगना, कमज़ोरी इत्यादि होती है

Grade 3 में पेट दर्द, वजन का कम हो जाना, जॉन्डिस जैसे लक्षण दिखाई देते हैईं।

अगर इसे कण्ट्रोल नहीं किया जाये तो ये लिवर Cirrhosis और लिवर कैंसर में तब्दील हो सकता है।

इलाज
लिवर शरीर का ऐसा अंग है जो ख़ुद को 90 फ़ीसदी तक ख़ुद से ठीक कर लेता।
और अभी तक ऐसी कोई दवाई नहीं उपलब्ध है जो fatty liver को ठीक कर सके। कुछ दवाइयाँ हैं जो परीक्षण के दौर में हैं।

तो फिर ये ठीक कैसे होता है?

तो जवाब है ये ख़ुद से ठीक होता। आपको बस लिवर को ऐसा माहौल देना है कि वो ख़ुद को ठीक कर सके।
और अगर आपने एक ईमानदार कोशिश की तो ग्रेड 3 फैटी लिवर भी पूरी तरह से ठीक हो सकता है।

उसके लिए ज़रूरी है कि
1) शराब या नशे का सेवन ना करें।
2) स्वस्थ्य आहार लें।
3) नियमित शारीरिक व्यायाम करें
4 अपने वजन को नियंत्रण में रखें
5) अगर आपको diabetes या उच्च रक्तचाप है तो उसे नियंत्रण में रखें
6) बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवाई (एलोपैथिक/ आयुर्वेदिक/ होमियोपैथिक) का सेवन ना करें

ये सब चीज़ें शरीर से excessive fat को हटाएगी और बाक़ी काम ख़ुद liver कर लेगा।

बाज़ार में आप जितने भी प्रोडक्ट देखते हैं जो आपके लिवर को डीटॉक्स करने का दावा करती है वो सारी फ़र्ज़ी है। क्योंकि लिवर को detox सिर्फ़ लिवर कर सकता है और वो भी आपके स्वस्थ्य ख़ानपीन और शारीरिक व्यायाम की मदद से।
इसीलिए उनमें से कोई भी प्रोडक्ट कुछ नहीं करता।

तो स्वस्थ्य आहार लें, नींद पूरी करें, नशे से दूर रहें, शारीरिक व्यायाम करें और फ़र्ज़ी विज्ञापनों के चक्कर में ना पड़ें।

गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. ऐसे में लू (Heat Wave ) से बचाव पर ध्यान देना चाहिए. वरना लू लगने से बीमार भी...
29/05/2024

गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. ऐसे में लू (Heat Wave ) से बचाव पर ध्यान देना चाहिए. वरना लू लगने से बीमार भी पड़ सकते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं हीट वेव से बचने के कारगर टिप्स...

1. खुद को हाइड्रेटेड रखें

गर्मी के दौरान लू चलने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में समय-समय पर पानी पीते रहें, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे. इस मौसम में कम से कम 8-10 ग्लास पानी हर दिन पीने की कोशिश करें. फल और सब्जियां अपनी डाइट में भरपूर शामिल करें

2. बाहर जाना अवॉयड करें

हीट वेव से बचना है तो बिना जरूरी घर बाहर जाना अवॉयड करें. घर के अंदर फैन, कूलर, एसी में रहें. अगर ये चीजें घर में नहीं हैं तो पर्दे या शेड्स लगाकर रहें. इससे आप लू के गंभीर खतरों से बच सकते हैं.

3. सूरज की किरणों से बचने की कोशिश करें

जब भी लू चले तो सीधे तौर पर सूर्य की रोशनी में न आएं. अगर किसी वजह से बाहर जा भी रहे हैं तो टोपी, गमछा, चश्मा का इस्तेमाल करना न भूलें. लाइट कलर के ढीले कपड़े ही पहनें, जिससे स्किन प्रोटेक्ट हो सके और हीट वेव ऑब्जर्व न हो.

4. ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी से बचें

गर्मी और लू के दौरान ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने से बचने की कोशिश करें. क्योंकि गर्मी के मौसम में ज्यादा वर्कआउट करने से बॉडी का टेंपरेचर बढ़ सकता है. इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है.



5. खाली पेट बाहर जाने से बचें

अगर बाहर लू तेज चल रही है तो कभी भी गलती से भी खाली पेट घर से न निकलें. ऐसा करने पर गर्मी और धूप से चक्कर आ सकता है. इसलिए जब भी घर से बाहर जाएं तो कुछ खाने के बाद ही जाएं. ताकि समस्याओं से बच जाएं.

Good morning.wish you all ...happy and healthy life ....
13/04/2024

Good morning.wish you all ...happy and healthy life ....

आज  मैं फिर  एक कहानी आपके सामने लेके आया हूं ,ये कहानी  नही.. एक जीवन संघर्ष दास्तान है.. जो अनेक बार मेरे अल्ट्रा साउं...
05/04/2024

आज मैं फिर एक कहानी आपके सामने लेके आया हूं ,ये कहानी नही.. एक जीवन संघर्ष दास्तान है.. जो अनेक बार मेरे अल्ट्रा साउंड कक्ष से होकर गुजरी है..और इस कहानी की एक बात और भी है की इस कहानी का कुछ हद तक में स्वयं भी साक्षी रहा हुं..उनके दर्द को अनेक बार महसूस भी किया है।
ये कहनी है तरुण जी और शाईना जी की, इनकी शादी फरवरी 2020 में हुई.. तरुण जी sbi bank में सेवाए देते है और शाईना जी गृहणी है....शादी के शुरुआत बड़ी खूबसूरत थी..हर दिन इन दोनो को नई नई खुशियों की सौगात देता था ...लेकिन इनकी खुशियां का दौर ज्यादा दिन चल ना सका और...कुछ महीने बाद शाईना जी तबियत थोड़ी खराब रहने लग गई...उन्हे लगातार खांसी और बुखार रहता था ....लगातार डॉक्टर को दिखाया जा रहा था तो कुछ दिन तो आराम रहता और लेकिन दुबारा तबियत खराब रहती...खांसी और बुखार टूटने का नाम नहीं ले रहे थे... डॉक्टर की सलाह पे जब सीटी स्कैन करवाया तो पता लगा की चेस्ट में कोई गांठ है...और बहुत सारी lymph nodes भी थे.... सरल भाषा में बोलूं तो कैंसर का शक था....शादी को अभी 3...4 महीने हुए थे और दोनो परिवारों पे एक तरह से ये दुखो का वज्रपात हुआ था.... शाईना जी को फिर जयपुर के भगवान महावीर अस्पताल रेफर कर दिया गया...बहुत सारी जांचे हुई ....PET scan ...biopsy...और पता लगा की की शाईना जी ब्लड कैंसर है और पूरी बॉडी में काफी सारी लिम्फ नोड्स भी है ।नई शादी के कुछ महीनों में इस दुख को शायद को शब्दो में बयान करना संभव ही नहीं है... डॉक्टर ने तो साफ बोल दिया की शाईना जी के जीवन का कोई भरोसा नहीं है...बहुत सारी chemotherapy लगेगी और bone marrow transplant भी करना पड़ेगा ... इन सबके बावजूद जीवन कितना लंबा और कितना स्वस्थ होगा इसका कुछ कह नहीं सकते .. chemotherapy से पूरे बाल उड़ जायेंगे ... बहुत सारे साइड इफेक्ट्स और भी हो सकते है..और सबसे बड़ी बात ...शाईना जी इसके बाद कभी मां नही सकेगी... ये सब बाते बोलने में ही जितनी कठिन है.....इसको सहन करना कितना मुश्किल रहा होगा इसका अनुमान लगाना भी कठिन है ।शाईना जी की तबियत लगातार खराब होती जा रही थी.... और शाईना जी ये सब ट्रीटमेंट लेना ही नही चाहती थी...अब तरुण जी के पास 2 रास्ते थे.....शाईना जी को उनके हाल पर छोड़ देते ओर खुद नया जीवन शुरू कर लेते....वो तो एक सरकारी कर्मचारी है उन्हे तो बहुत सारे रिश्ते मिल जाते....और एक दूसरा रास्ता अपने पति धर्म को निभाने का ....अपनी जीवन संगिनी का साथ निभाने का...उसे अकेले न छोड़ने का..बिना अंजाम की चिंता किए ..पूरे ट्रिटमेंट लेने का ...जिसमे लाखो रुपए का खर्च था और ढेरो परेशानियां.....रास्ता बहुत कठिन था और परिणाम धुंधला... क्या होगा ....किसी को नहीं पता...शाईना जी बचेगी या नहीं.. नही पता.....लेकिन एक बात तय थी....ये तरुण जी के लिए धर्म संकट की स्थिति थी.....एक उनके पति धर्म और सत्य का रास्ता था ..जिसमे इलाज करवाओ....और अंत क्या होगा.. नही पता.......और दूसरा स्वार्थी समाज और सुविधा का रास्ता जिसमे शाईना जी को अपने मायके छोड़ो ...सारे आरोप ससुराल वालो पर लगाओ...की हमे बीमार लड़की दे दी...खुद नई शुरूआत करो....शाईना जी वैसे खुद भी ट्रीटमेंट लेने के लिए तैयार नहीं थी....तो ये रास्ता खुद तरूण जी की और आ रहा था....इसे स्वीकार करना बहुत आसान था और सब मुसीबत एक पल में खत्म।
कैंसर का इलाज कभी भी आसान नहीं होता...बचेगी नही बचेगी... बच भी गई तो पूरा जीवन कैसे रहेगी....फिर कभी मां नही बन सकेगी..इतने सारे ख्याल दिमाग में आने के बाद दूसरा रास्ता अच्छा और स्वाभाविक चयन था...लेकिन तरुण जी धर्म के प्रतिक निकले.....समाज के.. परिवार के ....खुद के ....शाईना जी से लड़ कर उन्होंने साइना जी को बहुत समझा कर ट्रीटमेंट के लिए तैयार किया... बहुत सारी दुआओं और प्रार्थनाओं के बीच जयपुर में इलाज शुरू हुआ.....शाईना जी को एक के बाद एक ...2 सालो में ... 12 chemo लगी.. लेकिन अभी भी फर्क नही पड़ा ...तो फेर 6 chemo और लगवाई गई.... उसके बाद तबियत में थोड़ा सुधार था लेकिन फेफड़े की परेशानी अभी ठीक नही था ...फेफड़े में बार बार पानी भर जा रहा था...2 या 3 बार तो मेने भी उनके फेफड़े में से पानी निकला था....लेकिन फिर डॉक्टर्स ने बताया कि ये फेफड़ों में बीमारी फैल चुकी है..ओर chemotherapy नही दे सकते,अगर और chemotherapy लगाई तो जान को खतरा हो सकता है...उसके लिए उन्हे कुछ मेडिसिन विदेश से भी मंगवानी पड़ेगी.. जिसे इम्यून थेरपी कहते है.....जिनकी कीमत भी बहुत ज्यादा है ..लगभग 15 लाख रुपए.. तरूण जी ने हार नही मानी ओर वो दवाई मंगवाई....उसके लेने के बाद शाईना जी के फेफड़े में रिकवरी हुई..अब शाईना जी को पूरा ठीक करने के लिए bone marrow transplant बच गया था ...उसके लिए उन्हे PGI Chandigarh रेफर कर दिया गया....जिसकी success rate बहुत कम है... और शरीर की इम्यूनिटी लगभग जीरो हो जाती है ... जिसके कारण शरीर में सीरियस इन्फेक्शन होने का खतरा बहुत बड जाता है...एक तरह से ये दो धारी तलवार की तरह होता हैं...लेकिन तरुण जी और परिवार ने लड़ने का फैसला लिया.....सबकी दुआओं के साथ अगस्त 2022 में शाईना जी का bone marrow ट्रांसप्लांट हुआ...बहुत सारी दवाईयां लगी....उसके बाद 10 महीने तक वो अपने मायके में रही... दुआएं भगवान के घर मंजूर हो गई.... शाइना जी का bone marrow transplantation successful हो गया... उनकी सेहत में सुधार होने लगा....कैंसर कोशिका खतम होने लगी.....अब 1.5 साल हो गया....वो अब बिलकुल ठीक है....अपने ससुराल वापिस आ गई है.।
सत्य का रास्ता बहुत कठिन और बहुत अन्धकार मय हो सकता है....लेकिन इसके दूसरी ओर हमेशा प्रकाश होता है..ओर वो प्रकाश खुशियों से इतना लबरेज होता है की उस खुशी के आगे जीवन के पिछले सभी गम छोटे पड़ जाते हैं ।शायद भगवान देखना चाहता है की उसके बंदों को उस पर कितना विश्वास है ...वो कठिन से कठिन परीक्षा अवश्य ले सकता है लेकिन निष्ठुर नहीं हो सकता...परीक्षा जितनी कठिन होगी...उसका पारितोषिक भी उतना मीठा होता है....ओर ये बात मैं इसलिए विश्वास से लिख रहा हूं क्योंकि ये मेरे सामने घटित हो रहा है ..ईश्वर की कृपा से शाइना जी अब गर्भवती भी हो गई.....बिना किसी ट्रीटमेंट के....अब उनका 9 th month चल रहा है ... थोड़े दिनो में उनके घर किलकारियां गूंजने वाली है.....ईश्वर ने संसार की मिथक बातो को झूठा साबित कर दिया है ! .भगवान के घर देर है अंधेर नही...जो उसके बताए रास्ते पर चले उसे वो कभी उन्हें खाली हाथ नहीं लौटाता....ये बच्चा इन दोनो को सत्य के रास्ते पे चलने के लिए भगवान का प्रसाद है.....जब तरुण जी और शाइना जी को इस बात का पता लगा तो उनके लिए भी ये आश्चर्य था...लेकिन कहते है न भगवान के लिए क्या असंभव है।
तरुण जी और शाइना जी का ये जीवन संघर्ष इस कहानी के शब्दो से कहीं अधिक कठिन रहा होगा...इतने ज्यादा उतार चढ़ाव के बीच..इस कहानी के नायक तरुण जी को हम पूरे दिल से सलाम करते है...उनके त्याग और साहस की जितनी प्रशंसा की जाए कम है...उनकी हिम्मत की वजह से न केवल शाइना जी को नया जीवन मिला... बल्कि समाज को एक नई दिशा भी मिली....शिक्षा मिली....दुखो में हार न मानने का....जीवन संगिनी का हर हाल में साथ देने का....मुश्किल कितनी भी बड़ी हो मिल के लड़ेंगे तो हर मुसीबत का हल मिलता है.. ओर सही जानकारी और इलाज से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को भी हराया का सकता है।
नीचे तरुण और शाइना जी खूबसूरत तस्वीर उनकी इजाजत से आपके साथ सांझा कर रहा हु.....और कुछ तस्वीरे और भी है... ये उस नन्हे प्रसाद की है....जो शाइना जी के गर्भ में पल रहा है...ये इसकी पहली तस्वीर है...ये तस्वीर अभी जब शाइना जी अल्ट्रासाउंड करवाने आई उस वक्त हमने बनाई थी.. ये तस्वीर हमे बताती है...की भगवान का प्रसाद किस रूप में हमे मिलेगा हमे खुद ही नही पता होता..जो बिलकुल असंभव हो वो भी संभव हो सकता है।
शुभ प्लस परिवार तरुण जी और शाइना जी की स्वस्थ और सुखी जीवन और उज्जवल भविष्य की कामना करते है.।
इस कहानी को मेने तरूण जी और शाइना जी को भी tag किया है..आप उन्हे इस जीवन संघर्ष जीत के लिए बधाई प्रेषित कर सकते है।
धन्यवाद
Dr Navneet Garg
Shubh plus diagnostics
Sri Ganganagar

आज शुभ प्लस को अपने नए संस्थान के प्रांगण पर आए पूरे 4 वर्ष हो गए..इस शुभ दिन पर धन्यवाद करते है...भगवान का ..ओर हमारी ज...
30/01/2024

आज शुभ प्लस को अपने नए संस्थान के प्रांगण पर आए पूरे 4 वर्ष हो गए..इस शुभ दिन पर धन्यवाद करते है...भगवान का ..ओर हमारी जनता का जिन्होंने हम पर विश्वास दिखाया और अपनी सेवा का मोका दिया ।
इन 4 वर्षो में हमे आपका अपार प्यार और विश्वास मिला उसी का ये प्रतिफल है की हम आज इस मुकाम पर पहुंच पाए है और इसके लिए हम आपके तह दिल से आभार व्यक्त करते है.. ओर आशा करते है की ये विश्वास हम पर आगे भी बना रहेगा और हम इसी तरह आपके विश्वास पर खरा उतरने की निरंतर कोशिश करते रहेंगे।
धन्यवाद।

शुभ प्लस परिवार
श्री गंगा नगर

आज  सुबह मेरे अल्ट्रा साउंड कक्ष में की एक मरीज आई... साधारण दिखने वाली इस महिला की एक असाधारण कहानी भी थी ।जब इस लड़की ...
09/01/2024

आज सुबह मेरे अल्ट्रा साउंड कक्ष में की एक मरीज आई... साधारण दिखने वाली इस महिला की एक असाधारण कहानी भी थी ।जब इस लड़की ने अपनी कहानी मुझे बताई तो मुझे लगा कि ये बेहद ही दिल को छू जाने वाली कहानी है ।जिसे मेने शब्दो में ढालने की कोशिश की है जो की आज के स्वार्थी समाज के परिपेक्ष में बहुत कम देखने और सुनने को मिलती है,
ये कहानी है मनीषा जी और घनश्याम जी की,इन दोनो की मुलाकात फेस बुक पर हुई सन 2012 में और धीरे धीरे ये मुलाकाते प्रेम में बदल गई । मुलाकात के शुरू में ही मनीषा को पता लग गया की घनश्याम जी गुर्दे की गंभीर बीमारी से ग्रस्त है Chronic renal parenchyma disease ..और इसके लिए घनश्याम जी का सन 2008 में renal transplant भी हो चुका है । उस समय घनश्याम जी के पिता जी ने उन्हे अपना गुर्दा दिया था । Renal transplant होने के बावजूद घनश्याम जी की तबियत बिगड़ी रहती थी और अभी भी घनश्याम जी को बहुत सारी दवाई का सहारा लेना पड़ता है। इतने सारे अथक प्रयासों के बाद भी उन्हे पता लगा की घनश्याम जी को chronic renal transplant rejection हो रहा है.. साधारण भाषा में बोले तो की घनश्याम जी की बॉडी उस गुर्दे को खा रही थी....और इसके कारण उनकी तबियत लगातार बिगड़ रही थी...और इसका prognisis ज्यादा अच्छा नहीं होता..लेकिन इन सब बातो को जानने के बाद भी मनीषा जी का घनश्याम जी के लिए प्रेम न सहमा... नही न डगमगाया बल्कि वक्त के साथ बढ़ता गया और बात शादी करने तक पहुंच गई ।लेकिन जब मनीषा जी के माता पिता को घनश्याम जी के बारे पता चला तो उन्होंने साफ मना कर दिया शादी करने से...जो की एक माता पिता की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी...कोई भी माता पिता अपनी बेटी को ऐसे वर को नहीं देंगे जिसके जीवन का कोई भरोसा न हो....लेकिन बेटी की जिद और प्रेम जीत गया और 3 साल का प्रेम परवान चढ़ गया और साल 2015 में दोनो की शादी हो गई.।मनीषा जी की शादी के बाद की जिदंगी बाकी लड़कियो की सिर्फ हसीन नहीं थी,इसकी जिदंगी में थोड़ी सी खुशी के साथ साथ बहुत सारे दुख भी लाई थी । 3 साल बाद घनश्याम जी का एक मात्र ट्रांसप्लांटेड गुर्दा धीरे धीरे काम करना बंद कर रहा था..शरीर में यूरिया एवम क्रिएटिनिन की मात्रा लगातार बढ रही थी,और फिर डॉक्टर्स ने बताया कि ट्रांसप्लांटेड गुर्दा पूरी तरह से रिजेक्ट हो चुका है और अगर घनश्याम की जान को बचाना है तो दुबारा renal transplant करना पड़ेगा।लेकीन रिस्क पहले से भी ज्यादा है इस समय। मनीषा जी पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा । बहुत सारी मुसीबते एक साथ सामने आ गईl Renal donor डुंडना सबसे बड़ी मुसीबत थी....वक्त हाथ से निकला जा रहा था .. पैसों की व्यवस्था करना एक अलग समस्या थी। लेकिन प्रेम ने कब हर मानी हैं जो अब मानता....मनीषा जी ने अपना गुर्दा देने का मन बनाया....भगवान ने शायद इनकी जोड़ी शायद इसीलिए बनाई हो....सौभाग्य देखो दोनो का ब्लड ग्रुप पूरा मैच कर गया ...और भी बहुत सारे पैरामीटर जो की renal transplant के लिए आवश्यक होते है वो भी मैच कर गए । समस्त त्यारियो और दुआओं के साथ सन 2018 में अहमदाबाद जाकर घनश्याम जी का दुबारा renal transplant हुआ। शुरुआती परेशानी के बाद धीरे धीरे घनश्याम जी की तबियत में सुधार होने लगा।
मां ने घनस्याम को जन्म दिया तो पत्नी ने उसे पुनर्जन्म।आज 5 साल हो गए घनश्याम जी अब पूरी तरह स्वस्थ है । वो अब एक रेस्टोरेंट चलाते है। इनके आज 2 पुत्रियां है...एक 7 वर्ष की ओर दूसरी 3 महीने की,दोनो बहुत प्यारी बच्चियां है। और मनीषा जी भी बिलकुल ठीक है....जो इस कहानी की नायिका है....जो प्रतिक है.... सच्चे प्रेम की......एक आदर्श पत्नी और सच्ची जीवन साथी का..त्याग की.....साहस की ....दुखो में सयम रखने का.... और इस बात का की पत्नी को क्यों अर्धांगिनी कहा जाता है.।
मनीषा और घनश्याम जी के संघर्ष की दास्तान इस कहानी में लिखे शब्दों से कही बड़ी हैं.....लेकिन ये आदर्श प्रेम कहानी है...शुभ प्लस परिवार मनीषा और घनश्याम जी के उज्जवल भविष्य.स्वस्थ जीवन और दीर्घायु होने की कामना करता है।
और में धन्यवाद करना चाहता हु मनीषा जी को जिन्होंने मुझे अपनी कहानी को लिखने की इजाजत दी ..नीचे आपके साथ इस कहानी की नायिका मनीषा जी और उनके परिवार की तस्वीर सांझा कर रहा हु जो की उनकी इजाजत से कर रहा हूं ।
इस कहनी को लिखने का सबसे बड़ा कारण ये भी है की इस से हमे पता लगता है कि अंगदान कितना महत्व पूर्ण है..और अगर समय रहते अगर किसी को अगर ये दान कर दिया जाए तो तो उस परिवार को बचाया जा सकता हैं।
धन्यवाद
Dr Navneet Garg
Shubh plus diagnostic
Sri Ganganagar

आपको अति हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि हमारे संस्थान  Shubh plus diagnostics ने अपनी सेवाओं में विस्तार करते हुए अब ...
17/09/2023

आपको अति हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि हमारे संस्थान Shubh plus diagnostics ने अपनी सेवाओं में विस्तार करते हुए अब 16 slice CT scan की सुविधा जोड़ी है। इसके द्वारा सिर... छाती व पेट के विभिन्न रोगों...ब्रेन एंजियोग्राफी... पल्मोनरी angiography ....upper and lower limbs angiography की अब जांच अब ओर अधिक गहराई से की जा सकेगी l

किसी भी तरह के सिर में चोट / छाती की सभी तरह की बीमारियों...बच्चेदानी/अंडेदानी/सर्विक्स का कैंसर .... लंबी खांसी....लंबा पेट दर्द आदि तथा शरीर के हर हिस्से की जटिल से जटिल बीमारी का पता लगाने में ये मशीन सक्षम होती हैं ।

गंभीर और आंतरिक शारीरिक समस्या होने पर डॉक्टर अक्सर रोगी को सी टी जांच करवाने के लिए कहते हैं। जिसमें शरीर के अंदर क्या हो रहा है इस बारे में जांच की जाती है और इसके बाद रोगी को उचित उपचार प्रदान किया जाता है। चिकत्सा के क्षेत्र में C T scan का खासा महत्व है जो कि रोगी को उचित उपचार प्रदान करवाने में काफी सहायक है ।

इसके अलावा हमारे संस्थान पर 1 5 tesla M R I , कलर अल्ट्रासाउंड, कलर डॉपलर, डिजिटल एक्सरे, ईसीजी, टीएमटी echo कार्डियोग्राफी आदि जैसी सभी सेवाएं उपलब्ध हैं।

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Sri Ganganagar Bypass
Sri Ganganagar
335001

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