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अजवाइन, मेथी और जीरा (बराबर मात्रा) को तवे पर भूनकर, काला नमक, हींग मिलाकर बनाया गया चूर्ण (powder) भयंकर गैस, ब्लोटिंग,...
05/03/2026

अजवाइन, मेथी और जीरा (बराबर मात्रा) को तवे पर भूनकर, काला नमक, हींग मिलाकर बनाया गया चूर्ण (powder) भयंकर गैस, ब्लोटिंग, और एसिडिटी का एक असरदार घरेलू उपचार है। यह मिश्रण पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करता है, पेट फूलना कम करता है और चयापचय (metabolism) में सुधार कर कब्ज से राहत दिलाता है।
बनाने की विधि और सेवन:
अजवाइन, मेथी और जीरा को बराबर मात्रा में लें।
तवे पर हल्का भूरा होने तक भूनें।
ठंडा होने पर पीसकर चूर्ण बनाएं और स्वादानुसार काला नमक मिलाएं।
सेवन: खाने के बाद या गैस होने पर 1 चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें।
सेवन के प्रमुख लाभ:
गैस और ब्लोटिंग से राहत: यह मिश्रण पेट में फंसी हुई गैस को जल्दी बाहर निकालता है और भारीपन कम करता है।
पाचन में सुधार: अजवाइन और जीरा में मौजूद तत्व (जैसे थाइमोल) पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करते हैं, जिससे खाना जल्दी पचता है।
एसिडिटी का इलाज: काला नमक के साथ भुना हुआ मिश्रण पेट के एसिड को संतुलित करता है।
कब्ज में आराम: यह एक सौम्य लैक्सेटिव के रूप में काम कर सकता है।
वजन प्रबंधन: यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और शरीर में जमा कचरे को बाहर निकालने में मदद करता है।

🟢 पतली कलाई मोटी और मजबूत कैसे करें?  25 साल की उम्र में नेचुरल मसल ग्रोथमसल मोटापा फॉर्मूला:अश्वगंधा 250g  सफेद मूसली 1...
05/03/2026

🟢 पतली कलाई मोटी और मजबूत कैसे करें?
25 साल की उम्र में नेचुरल मसल ग्रोथ

मसल मोटापा फॉर्मूला:
अश्वगंधा 250g
सफेद मूसली 100g
शतावरी 150g
कौंच बीज 100g
गोखरू 100g

सेवन:
1 चम्मच रात को दूध के साथ

रिजल्ट:
6–8 सप्ताह में सुधार

🔥 तनाव से परेशान? सिर्फ 5 मिनट में पाएं मानसिक शांति! आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव (Stress) हर किसी की समस्या बन चु...
04/03/2026

🔥 तनाव से परेशान? सिर्फ 5 मिनट में पाएं मानसिक शांति!
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव (Stress) हर किसी की समस्या बन चुका है।
अगर आपको बार-बार सिर भारी लगना, चिड़चिड़ापन या नींद की कमी महसूस होती है, तो अब समय है खुद पर ध्यान देने का।
✅ गहरी सांस लें – तुरंत राहत
✅ माइंडफुलनेस का अभ्यास – मन शांत
✅ शारीरिक गतिविधि – ऊर्जा बढ़े
✅ काम के बीच ब्रेक – दिमाग fresh
तनाव को नजरअंदाज न करें।
आज से इन 5 आसान तरीकों को अपनाएं और स्वस्थ, शांत और सकारात्मक जीवन जिएं।

वज्रासन — स्थिरता और पाचन शक्ति का आसन 🧘🌿🧘‍♀️वज्रासन को “हीरे जैसा मजबूत आसन” कहा जाता है।यह बैठने की एक विशेष मुद्रा है...
04/03/2026

वज्रासन — स्थिरता और पाचन शक्ति का आसन 🧘🌿🧘‍♀️
वज्रासन को “हीरे जैसा मजबूत आसन” कहा जाता है।
यह बैठने की एक विशेष मुद्रा है जो शरीर को स्थिर और मन को शांत बनाती है।
इस आसन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे भोजन के तुरंत बाद भी किया जा सकता है —
क्योंकि यह पाचन तंत्र को सक्रिय करता है।
वज्रासन कमर, पेट और रीढ़ की सीधाई को सुधारता है तथा मन को ध्यान के लिए तैयार करता है।
जब शरीर इस मुद्रा में स्थिर हो जाता है, तब भीतर गहरी शांति और संतुलन महसूस होता है।
यह आसन साधना, ध्यान और प्राणायाम का शक्तिशाली आधार है।
🔹 वज्रासन कैसे करें? (Steps)
• जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएँ।
• एड़ियों पर बैठें, पैर की उंगलियाँ पीछे की ओर रहनी चाहिए।
• दोनों हाथ घुटनों पर रखें।
• रीढ़ बिलकुल सीधी रखें।
• सामान्य श्वास लेते हुए 2–5 मिनट रहें।
🔹 वज्रासन के लाभ (Benefits)
• पाचन शक्ति को तेज करता है।
• कब्ज, गैस और पेट फूलना कम करता है।
• कमर और रीढ़ को सीधा रखता है।
• मन को शांत कर ध्यान के लिए तैयार करता है।
• पैरों व जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।🧘‍♂️🧘‍♀️




🧠🎧 सिर्फ एक आवाज… और तनाव हो सकता है कम! 💙University of Wisconsin–Madison की रिसर्च के अनुसार, महिला की शांत आवाज पुरुष ...
04/03/2026

🧠🎧 सिर्फ एक आवाज… और तनाव हो सकता है कम! 💙

University of Wisconsin–Madison की रिसर्च के अनुसार, महिला की शांत आवाज पुरुष के तंत्रिका तंत्र पर सीधा असर डाल सकती है।
अध्ययन में पाया गया कि ऐसी आवाज सुनने से दिल की धड़कन धीमी हो सकती है और चिंता का स्तर कम हो सकता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि कुछ खास वोकल क्वालिटी दिमाग को प्राकृतिक रूप से शांत करती हैं, जिससे शरीर रिलैक्स मोड में चला जाता है।

यह शोध दिखाता है कि इंसानी आवाज सिर्फ शब्द नहीं,
बल्कि शरीर और दिमाग को प्रभावित करने वाली शक्तिशाली ऊर्जा भी हो सकती है। 🔬✨

क्या आपने कभी गौर किया है कि किसी महिला की शांत और सौम्य आवाज सुनकर अक्सर मन को एक अजीब सा सुकून महसूस होता है? यह कोई इ...
04/03/2026

क्या आपने कभी गौर किया है कि किसी महिला की शांत और सौम्य आवाज सुनकर अक्सर मन को एक अजीब सा सुकून महसूस होता है? यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा न्यूरोलॉजिकल और इवोल्यूशनरी विज्ञान काम कर रहा है।

दरअसल, महिलाओं की आवाज की फ्रीक्वेंसी और टोन स्वाभाविक रूप से अधिक मेलोडिक यानी मधुर होती है। जब कोई पुरुष या कोई भी व्यक्ति एक शांत महिला की आवाज सुनता है, तो हमारा दिमाग उसे खतरे के अलार्म के बजाय 'सुरक्षा' और 'देखभाल' के संकेत के रूप में प्रोसेस करता है। विकासवादी मनोविज्ञान के अनुसार, इसका सीधा संबंध हमारे जन्म और उससे भी पहले के समय से है, जब गर्भ में एक मां की आवाज हमारे लिए सुरक्षा का पहला और सबसे मजबूत एहसास होती है।

जैसे ही दिमाग इस मेलोडिक आवाज को सुनता है, वह हमारे पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिव कर देता है। इसके प्रभाव से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन 'कॉर्टिसोल' का स्तर तुरंत गिरने लगता है और 'ऑक्सीटोसिन' (जिसे बॉन्डिंग या फील-गुड हार्मोन कहते हैं) रिलीज होने लगता है। यही वह बायोलॉजिकल प्रक्रिया है जिसके कारण तेज चल रही दिल की धड़कन (Heart Rate) धीमी हो जाती है, नसें रिलैक्स होती हैं और घबराहट या चिंता पल भर में शांत होने लगती है।

स्रोत (Source): यह जानकारी इवोल्यूशनरी साइकोलॉजी (Evolutionary Psychology), ब्रेन इमेजिंग (Brain Imaging) और हमारे श्रवण तंत्र (Auditory Processing) के काम करने के तरीके पर हुए वैज्ञानिक शोधों के तथ्यों पर आधारित है।

#ब्रह्मांडज्ञान

दिनभर हम या तो खड़े रहते हैं या कुर्सी पर बैठे रहते हैं। ऐसे में गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के कारण हमारे शरीर का रक्त और ल...
03/03/2026

दिनभर हम या तो खड़े रहते हैं या कुर्सी पर बैठे रहते हैं। ऐसे में गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के कारण हमारे शरीर का रक्त और लिम्फेटिक फ्लूइड पैरों की तरफ जमा होने लगता है, जिससे टखनों में सूजन और भारीपन महसूस होता है। लेकिन जब आप दिन में सिर्फ 5 मिनट के लिए अपने पैरों को दीवार के सहारे ऊपर की ओर टिकाते हैं (जिसे योग विज्ञान में 'विपरीत करणी' कहते हैं), तो आप इसी गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करते हैं।

ऐसा करने से पैरों में जमा रक्त बिना किसी मेहनत के आसानी से वापस हृदय की ओर बहने लगता है। इससे आपके दिल पर पंप करने का दबाव कम होता है और पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। न्यूरोलॉजी के नजरिए से देखें तो यह पोस्चर हमारी 'वेगस नर्व' (Vagus Nerve) को स्टिमुलेट करता है।

यह नर्व हमारे नर्वस सिस्टम को तनाव वाले 'फाइट-और-फ्लाइट' मोड से निकालकर शांत करने वाले 'रेस्ट-और-डाइजेस्ट' मोड में ले आती है। यही कारण है कि इसे करते ही स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल तेजी से गिरता है और सिरदर्द या थकान में तुरंत राहत मिलती है। इसके अलावा, जब शरीर इस शांत अवस्था में होता है, तो रक्त का प्रवाह पेट और आंतों की तरफ भी बढ़ता है, जिससे आपका पाचन तंत्र (Digestion) अपने आप बेहतर तरीके से काम करने लगता है।

स्रोत (Source): यह जानकारी ह्यूमन फिजियोलॉजी (Human Physiology), ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली और वेनस रिटर्न (Venous Return) पर आधारित सामान्य मेडिकल विज्ञान के तथ्यों पर आधारित है।

#ब्रह्मांडज्ञान

यह समाचार लेख😱😱😱😱 नमक के अत्यधिक सेवन और उससे होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में एक गंभीर चेतावनी देता है।🧂 सावधान!...
03/03/2026

यह समाचार लेख😱😱😱😱 नमक के अत्यधिक सेवन और उससे होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में एक गंभीर चेतावनी देता है।
🧂 सावधान! क्या आपकी थाली में नमक की मात्रा ज्यादा है? 🩺
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया के हालिया अध्ययन में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है: हम में से अधिकतर लोग दैनिक जरूरत से दोगुना नमक खा रहे हैं। स्वाद का यह "छोटा सा कण" आपके शरीर के लिए बड़े खतरे पैदा कर सकता है।
⚠️ अधिक नमक के गंभीर परिणाम:
लेख के अनुसार, सोडियम की अधिकता सीधे आपके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर हमला करती है:
* उच्च रक्तचाप (High BP): ज्यादा नमक खून में तरल पदार्थ को खींचता है, जिससे रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ता है।
* पक्षाघात (Stroke): बीपी बढ़ने से स्ट्रोक या लकवे की संभावना काफी बढ़ जाती है।
* किडनी की बीमारियाँ: सोडियम का स्तर बिगड़ने से गुर्दों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
* हृदय रोग: लंबे समय तक नमक का अधिक सेवन हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
📉 क्या है स्वस्थ रीडिंग?
* एक स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 से नीचे होना चाहिए।
* यदि आपकी रीडिंग 140/90 से ऊपर है, तो यह खतरे की घंटी है।
💡 बचाव के आसान तरीके:
* ऊपर से नमक डालना बंद करें: पकी हुई सब्जी या सलाद पर एक्स्ट्रा नमक न छिड़कें।
* प्रोसेस्ड फूड से बचें: पैकेट बंद चिप्स, अचार और सॉस में प्रिजर्वेटिव के रूप में भारी मात्रा में नमक होता है।
* विकल्प चुनें: स्वाद के लिए नींबू, काली मिर्च या हर्ब्स का इस्तेमाल करें।
> याद रखें: स्वाद कुछ पलों का होता है, लेकिन सेहत पूरी जिंदगी की। आज ही अपने नमक के सेवन पर नियंत्रण रखें और लंबी उम्र का रास्ता चुनें!

उच्च रक्तचाप (High BP) और सोडियम को नियंत्रित करने के लिए DASH Diet (Dietary Approaches to Stop Hypertension) सबसे प्रभावी मानी जाती है। यह चार्ट उसी सिद्धांत पर आधारित है, जो आपके शरीर में नमक (सोडियम) की मात्रा कम करने और पोटेशियम को बढ़ाने में मदद करेगा।
यहाँ एक संतुलित 7-दिवसीय डाइट चार्ट का नमूना है:
🥗 निम्न सोडियम (Low Salt) डाइट चार्ट
| समय | क्या खाएं (विकल्प) | मुख्य निर्देश |
|---|---|---|
| सुबह (खाली पेट) | 1 गिलास गुनगुना पानी + आधा नींबू या मेथी दाना पानी। | चाय/कॉफी कम करें। |
| नाश्ता (8-9 AM) | ओट्स (सब्जियों के साथ) / बिना नमक वाला दलिया / मूंग दाल चीला / उबले अंडे (सफेद भाग)। | परांठे या मक्खन से बचें। |
| मिड-मॉर्निंग (11 AM) | एक मौसमी फल (सेब, पपीता, अमरूद या संतरा)। | चाट मसाला न डालें। |
| दोपहर का खाना (1-2 PM) | 2 चपाती (बिना चोकर निकाले) + 1 कटोरी दाल + 1 कटोरी हरी सब्जी + ताज़ा दही या छाछ। | दाल में ऊपर से तड़का न मारें। |
| शाम का नाश्ता (4-5 PM) | भुने हुए चने / मखाना (बिना नमक) / मुट्ठी भर बादाम-अखरोट। | बिस्किट या नमकीन न खाएं। |
| रात का खाना (7-8 PM) | हल्का भोजन: लौकी/तोरई की सब्जी + 1 रोटी या 1 कटोरी खिचड़ी। | सोने से 2-3 घंटे पहले खाएं। |
🚫 इन चीजों से पूरी तरह परहेज करें (Zero Tolerance):
* अचार और पापड़: इनमें नमक की मात्रा बहुत अधिक (Preservative के रूप में) होती है।
* प्रोसेस्ड फूड: चिप्स, सॉस, केचप, पिज्जा, बर्गर और डिब्बाबंद सूप।
* सफेद नमक की जगह: सेंधा नमक (कम मात्रा में) का प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर।
* बेकिंग सोडा: केक या बेकरी आइटम में मौजूद सोडा भी सोडियम का रूप है।
✅ क्या बढ़ाएं?
* पोटेशियम युक्त भोजन: केला, नारियल पानी और पालक (यह शरीर से अतिरिक्त सोडियम निकालने में मदद करते हैं)।
* पानी: दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
* स्वाद के विकल्प: नमक की कमी महसूस न हो, इसके लिए खाने में नींबू, अदरक, लहसुन, और हरी मिर्च का प्रयोग बढ़ाएं।
> महत्वपूर्ण नोट: यदि आपको किडनी की कोई समस्या है या आप पहले से किसी गंभीर बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो पोटेशियम की मात्रा बढ़ाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

बार-बार नाभि खिसकना (नाभि सरकना) के लिए आयुर्वेदिक सपोर्ट फॉर्मूलासामग्री:अजवाइन पाउडर – 200 ग्राम  हींग (शुद्ध) – 20 ग्...
03/03/2026

बार-बार नाभि खिसकना (नाभि सरकना) के लिए आयुर्वेदिक सपोर्ट फॉर्मूला

सामग्री:

अजवाइन पाउडर – 200 ग्राम
हींग (शुद्ध) – 20 ग्राम
सौंठ पाउडर – 100 ग्राम
काला नमक – 100 ग्राम
मेथी दाना पाउडर – 150 ग्राम

सभी को मिलाकर बारीक चूर्ण बनाकर कांच की शीशी में रखें।
यह मात्रा सामान्यतः 30–45 दिन चल सकती है (दिन में 2 बार सेवन पर निर्भर).

सेवन विधि:
सुबह खाली पेट और शाम को भोजन के बाद आधा से 1 चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें।

बाहरी उपाय:
सरसों तेल को हल्का गुनगुना करके नाभि के आसपास 5–10 मिनट हल्की घड़ी की दिशा में मालिश करें।
भारी वजन उठाने से बचें।

सुधार समय:
हल्की समस्या में 7–10 दिन में सुधार दिख सकता है।
पुरानी या बार-बार होने वाली समस्या में 3–4 सप्ताह लग सकते हैं।

⚠️ सावधानी:
यदि लगातार पेट दर्द, उल्टी, सूजन या हर्निया का संदेह हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है।

पेट में जलन – १५ दिन का आयुर्वेदिक फॉर्मूलासामग्री (१५ दिन की कुल मात्रा):मुलेठी चूर्ण – ५० ग्राम  सौंफ – ७५ ग्राम  धनिय...
02/03/2026

पेट में जलन – १५ दिन का आयुर्वेदिक फॉर्मूला

सामग्री (१५ दिन की कुल मात्रा):

मुलेठी चूर्ण – ५० ग्राम
सौंफ – ७५ ग्राम
धनिया दाना – ७५ ग्राम
शक्कर मिश्री – ५० ग्राम

👉 सभी को मिलाकर बारीक चूर्ण बनाकर कांच की बोतल में रखें।

सेवन विधि (१५ दिन):

भोजन के बाद – १ छोटा चम्मच गुनगुने पानी या ठंडे दूध के साथ
दिन में २ बार (दोपहर और रात)

अतिरिक्त उपाय:
✔ सुबह खाली पेट गुनगुना पानी
✔ ठंडी छाछ में भुना जीरा मिलाकर पिएँ
✔ मिर्च-मसाले कम करें

लाभ:
✔ एसिडिटी में राहत
✔ पेट की जलन कम
✔ पाचन में सुधार
✔ आंतरिक गर्मी शांत

परहेज:
चाय ज्यादा, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक, ज्यादा तला-भुना भोजन।

सिंहगर्जनासन
02/03/2026

सिंहगर्जनासन

“ताड़ासन — शरीर, श्वास और चेतना को स्थिर करने का मूल आसन” 🧘‍♀️💆‍♀️🔥💫
02/03/2026

“ताड़ासन — शरीर, श्वास और चेतना को स्थिर करने का मूल आसन” 🧘‍♀️💆‍♀️🔥💫




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