02/02/2026
🌱 गांव-स्तर पर प्राकृतिक खेती केंद्र – आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम 🐄
महाराष्ट्र राज्य द्राक्ष बागायतदार संघ, पुणे (MRDBS) की Manure & Fertilizer Analysis Report के अनुसार
गाय के शुद्ध गोबर में निम्न पोषक तत्व पाए गए हैं:
✔️ Organic Matter – 80.90%
✔️ Organic Carbon – 46.92%
✔️ Nitrogen (N) – 1.64%
✔️ Phosphorus (P₂O₅) – 3.14%
✔️ Potash (K₂O) – 2.58%
यह रिपोर्ट स्पष्ट रूप से बताती है कि वैज्ञानिक पद्धति से प्रोसेस किया गया शुद्ध गोबर, उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक खाद बन सकता है।
💡 हमारी योजना: गांव-स्तर प्राकृतिक खेती केंद्र
🔸 गांव के जिन किसानों के पास गाय है, वे अपने-अपने गाय का शुद्ध गोबर (बिना मिट्टी, पत्ते या कचरा) एक जगह इकट्ठा करेंगे
🔸 इस गोबर को मेरे फॉर्म्युलेशन मिक्सचर से प्रोसेस किया जाएगा
🔸 इससे उत्तम गुणवत्ता का, केमिकल-मुक्त गोबर खाद तैयार होगा
🔸 जिसने जितना कच्चा गोबर दिया होगा, उसे उतना ही किलो तैयार खाद वापस मिलेगा
🌾 इसके फायदे
✅ गांव का कच्चा माल → गांव में तैयार खाद → गांव में ही उपयोग
✅ बाहर से महंगे रासायनिक खाद लाने की जरूरत खत्म
✅ खेती की लागत में भारी बचत
✅ 100% शुद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद प्राकृतिक खाद
✅ मिट्टी की सेहत में सुधार
✅ गांव बनेंगे आत्मनिर्भर और सशक्त
यह मॉडल प्राकृतिक खेती, मिट्टी संरक्षण, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से पूरी तरह जुड़ा हुआ है।
🙏 इस मॉडल को देशभर में लागू करने हेतु मार्गदर्शन और सहयोग की अपेक्षा।
India
of Agriculture & Farmers Welfare
of Agriculture, Government of Maharashtra
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