26/02/2022
ज़िंदा क़ौमें पांच साल तक इंतज़ार नहीं करती.. डॉ राम मनोहर लोहिया जी का ये स्वर्णिम वाक्य मुझे हमेशा प्रेरणा देता है। मैं अभी तक के अपने जीवन काल में जिन लोगो से भी मिला, सभी से कुछ न कुछ सीखने की कोशिश की है। मानव सेवा ही सर्वोपरि है इस विचार पर सभी लोगो की सहमति रहती है परंतु ज्यादातर लोग जीवन में अन्य दूसरी वचनबद्धताओं में व्यस्त होने की वजह से मानव सेवा से वंचित रह जाते हैं। मेरा व्यक्तिगत मानना है कि मनुष्य को हमेशा जरूरतंमद लोगों की सेवा में आगे रहना चाहिए। मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है और मेरी पूरी कोशिश रहती है कि मैं इस पुनीत कार्य को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करता रहूँ। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए मैने अपनी तमाम राजनैतिक व्यस्तताओं के बावजूद अपने क्लिनिक पर समय प्रात: 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मरीजो को चिकित्सीय सेवाएँ देना पुनः प्रारम्भ कर दिया है.. साथ ही साथ समाजिक एवं राजनैतिक विषयों पर चर्चा, शुभचिंतकों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात एवं समस्या निस्तारण के लिए समय दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक अपने बाईपास कार्यालय पर उपलब्ध रहूंगा। राजनीति में मेरे आने का मतलब और मकसद जनसेवा ही है जिसे मैं एक राजनेता के साथ ही एक चिकित्सक के रूप में भी जीवनपर्यंत करता रहूंगा।
याद रखिए आपसे मुलाकात करने में मुझे हमेशा प्रसन्नता होगी।
सदैव आपका-
डॉo मुन्ना अलवी
162, बाँगरमऊ, उन्नाव