श्रियम आरोग्य सेवा केंद्र

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श्रियम आरोग्य  सेवा केंद्र First Time in Varanasi, हमारी सेवाएं:- Detoxification, BCM Machine, Detoxification
b. Korean Ceragem
c. BCM Machine
d. Couping Therapy
e.

एक ही मशीन सभी रोगो के तत्व का पता लगता है, और उसे आप के आँख के सामने ही निकल देता है
कोई एलोपैथिक, होमियोपैथिक, आयुर्वेदिक दवा नहीं
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aok ion cleanse
अमेरिकन टेक्नोलॉजी
१०० % सुरक्षित
आसान और विश्वसनीय तरीका
किसी साइड एफ्फेट का डर नहीं
संका दुःख टेंसन भी दूर

हमारी सेवाएं :-
a. Sujok Therapy
स्वस्थ और सुखी रहने के लिए और भी उपकरण और सेवाए हमारे साथ है..

31/01/2016

* आपका हर्बल चिकित्सक आपकी सारी सेक्स सम्बंधी समस्याएं अलसी खिला कर ही दुरुस्त कर देगा क्योंकि अलसी आधुनिक युग में स्तंभनदोष के साथ साथ शीघ्रस्खलन, दुर्बल कामेच्छा, बांझपन, गर्भपात, दुग्धअल्पता की भी महान औषधि है।

* सेक्स संबन्धी समस्याओं के अन्य सभी उपचारों से सर्वश्रेष्ठ और सुरक्षित है अलसी। बस 30 ग्राम रोज लेनी है।

* सबसे पहले तो अलसी आप और आपके जीवनसाथी की त्वचा को आकर्षक, कोमल, नम, बेदाग व गोरा बनायेगी। आपके केश काले, घने, मजबूत, चमकदार और रेशमी हो जायेंगे।

* अलसी आपकी देह को ऊर्जावान, बलवान और मांसल बना देगी। शरीर में चुस्ती-फुर्ती बनी गहेगी, न क्रोध आयेगा और न कभी थकावट होगी। मन शांत, सकारात्मक और दिव्य हो जायेगा।

अलसी में विद्यमान ओमेगा-3 फैट, जिंक और मेगनीशियम आपके शरीर में पर्याप्त टेस्टोस्टिरोन हार्मोन और उत्कृष्ट श्रेणी के फेरोमोन ( आकर्षण के हार्मोन) स्रावित होंगे। टेस्टोस्टिरोन से आपकी कामेच्छा चरम स्तर पर होगी। आपके साथी से आपका प्रेम, अनुराग और परस्पर आकर्षण बढ़ेगा। आपका मनभावन व्यक्तित्व, मादक मुस्कान और षटबंध उदर देख कर आपके साथी की कामाग्नि भी भड़क उठेगी।

* अलसी में विद्यमान ओमेगा-3 फैट, आर्जिनीन एवं लिगनेन जननेन्द्रियों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाती हैं, जिससे शक्तिशाली स्तंभन तो होता ही है साथ ही उत्कृष्ट और गतिशील शुक्राणुओं का निर्माण होता है। इसके अलावा ये शिथिल पड़ी क्षतिग्रस्त नाड़ियों का कायाकल्प करते हैं जिससे सूचनाओं एवं संवेदनाओं का प्रवाह दुरुस्त हो जाता है।

* नाड़ियों को स्वस्थ रखने में अलसी में विद्यमान लेसीथिन, विटामिन बी ग्रुप, बीटा केरोटीन, फोलेट, कॉपर आदि की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ओमेगा-3 फैट के अलावा सेलेनियम और जिंक प्रोस्टेट के रखरखाव, स्खलन पर नियंत्रण, टेस्टोस्टिरोन और शुक्राणुओं के निर्माण के लिए बहुत आवश्यक हैं। कुछ वैज्ञानिकों के मतानुसार अलसी लिंग की लंबाई और मोटाई भी बढ़ाती है।

* आपने देखा कि अलसी के सेवन से कैसे प्रेम और यौवन की रासलीला सजती है, जबर्दस्त अश्वतुल्य स्तंभन होता है, जब तक मन न भरे सम्भोग का दौर चलता है, देह के सारे चक्र खुल जाते हैं, पूरे शरीर में दैविक ऊर्जा का प्रवाह होता है और सम्भोग एक यांत्रिक क्रीड़ा न रह कर एक आध्यात्मिक उत्सव बन जाता है, समाधि का रूप बन जाता है।

अलसी सेवन का तरीकाः-
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* हमें प्रतिदिन 30 – 60 ग्राम अलसी का सेवन करना चाहिये। 30 ग्राम आदर्श मात्रा है। अलसी को रोज मिक्सी के ड्राई ग्राइंडर में पीसकर आटे में मिलाकर रोटी, पराँठा आदि बनाकर खाना चाहिये। डायबिटीज के रोगी सुबह शाम अलसी की रोटी खायें। कैंसर में बुडविग आहार-विहार की पालना पूरी श्रद्धा और पूर्णता से करना चाहिये। इससे ब्रेड, केक, कुकीज, आइसक्रीम, चटनियाँ, लड्डू आदि स्वादिष्ट व्यंजन भी बनाये जाते हैं।

* अलसी को सूखी कढ़ाई में डालिये, रोस्ट कीजिये (अलसी रोस्ट करते समय चट चट की आवाज करती है) और मिक्सी से पीस लीजिये. इन्हें थोड़े दरदरे पीसिये, एकदम बारीक मत कीजिये. भोजन के बाद सौंफ की तरह इसे खाया जा सकता है .

* अलसी की पुल्टिस का प्रयोग गले एवं छाती के दर्द, सूजन तथा निमोनिया और पसलियों के दर्द में लगाकर किया जाता है। इसके साथ यह चोट, मोच, जोड़ों की सूजन, शरीर में कहीं गांठ या फोड़ा उठने पर लगाने से शीघ्र लाभ पहुंचाती है। यह श्वास नलियों और फेफड़ों में जमे कफ को निकाल कर दमा और खांसी में राहत देती है।

* इसकी बड़ी मात्रा विरेचक तथा छोटी मात्रा गुर्दो को उत्तेजना प्रदान कर मूत्र निष्कासक है।

* यह पथरी, मूत्र शर्करा और कष्ट से मूत्र आने पर गुणकारी है।

* अलसी के तेल का धुआं सूंघने से नाक में जमा कफ निकल आता है और पुराने जुकाम में लाभ होता है। यह धुआं हिस्टीरिया रोग में भी गुण दर्शाता है।

* अलसी के काढ़े से एनिमा देकर मलाशय की शुद्धि की जाती है। उदर रोगों में इसका तेल पिलाया जाता हैं।

* अलसी के तेल और चूने के पानी का इमल्सन आग से जलने के घाव पर लगाने से घाव बिगड़ता नहीं और जल्दी भरता है।

* पथरी, सुजाक एवं पेशाब की जलन में अलसी का फांट पीने से रोग में लाभ मिलता है। अलसी के कोल्हू से दबाकर निकाले गए (कोल्ड प्रोसेस्ड) तेल को फ्रिज में एयर टाइट बोतल में रखें। स्नायु रोगों, कमर एवं घुटनों के दर्द में यह तेल पंद्रह मि.ली. मात्रा में सुबह-शाम पीने से काफी लाभ मिलेगा।

* इसी कार्य के लिए इसके बीजों का ताजा चूर्ण भी दस-दस ग्राम की मात्रा में दूध के साथ प्रयोग में लिया जा सकता है। यह नाश्ते के साथ लें।

* बवासीर, भगदर, फिशर आदि रोगों में अलसी का तेल (एरंडी के तेल की तरह) लेने से पेट साफ हो मल चिकना और ढीला निकलता है। इससे इन रोगों की वेदना शांत होती है।

* अलसी के बीजों का मिक्सी में बनाया गया दरदरा चूर्ण पंद्रह ग्राम, मुलेठी पांच ग्राम, मिश्री बीस ग्राम, आधे नींबू के रस को उबलते हुए तीन सौ ग्राम पानी में डालकर बर्तन को ढक दें। तीन घंटे बाद छानकर पीएं। इससे गले व श्वास नली का कफ पिघल कर जल्दी बाहर निकल जाएगा। मूत्र भी खुलकर आने लगेगा।

* इसकी पुल्टिस हल्की गर्म कर फोड़ा, गांठ, गठिया, संधिवात, सूजन आदि में लाभ मिलता है।

* डायबिटीज के रोगी को कम शर्करा व ज्यादा फाइबर खाने की सलाह दी जाती है। अलसी व गैहूं के मिश्रित आटे में (जहां अलसी और गैहूं बराबर मात्रा में हो)

*******अलसी पंसारी के या किराने की दूकान से ले ले ।

* अलसी बांझपन, पुरूषहीनता, शीघ्रस्खलन व स्थम्भन दोष में बहुत लाभदायक है।

* कई असाध्य रोग जैसे अस्थमा, एल्ज़ीमर्स, मल्टीपल स्कीरोसिस, डिप्रेशन, पार्किनसन्स, ल्यूपस नेफ्राइटिस, एड्स, स्वाइन फ्लू आदि का भी उपचार करती है अलसी। कभी-कभी चश्में से भी मुक्ति दिला देती है अलसी। दृष्टि को स्पष्ट और सतरंगी बना देती है अलसी।

* जोड़ की हर तकलीफ का तोड़ है अलसी। जॉइन्ट रिप्लेसमेन्ट सर्जरी का सस्ता और बढ़िया उपचार है अलसी। ­­ आर्थ्राइटिस, शियेटिका, ल्युपस, गाउट, ओस्टियोआर्थ्राइटिस आदि का उपचार है अलसी।

* लिगनेन का सबसे बड़ा स्रोत अलसी ही है जो जीवाणुरोधी, विषाणुरोधी, फफूंदरोधी और कैंसररोधी है। अलसी शरीर की रक्षा प्रणाली को सुदृढ़ कर शरीर को बाहरी संक्रमण या आघात से लड़ने में मदद करती हैं और शक्तिशाली एंटी-आक्सीडेंट है।

* लिगनेन वनस्पति जगत में पाये जाने वाला एक उभरता हुआ सात सितारा पोषक तत्व है जो स्त्री हार्मोन ईस्ट्रोजन का वानस्पतिक प्रतिरूप है और नारी जीवन की विभिन्न अवस्थाओं जैसे रजस्वला, गर्भावस्था, प्रसव, मातृत्व और रजोनिवृत्ति में विभिन्न हार्मोन्स् का समुचित संतुलन रखता है। लिगनेन मासिकधर्म को नियमित और संतुलित रखता है। लिगनेन रजोनिवृत्ति जनित-कष्ट और अभ्यस्त गर्भपात का प्राकृतिक उपचार है। लिगनेन दुग्धवर्धक है। लिगनेन स्तन, बच्चेदानी, आंत, प्रोस्टेट, त्वचा व अन्य सभी कैंसर, एड्स, स्वाइन फ्लू तथा एंलार्ज प्रोस्टेट आदि बीमारियों से बचाव व उपचार करता है।

* त्वचा, केश और नाखुनों का नवीनीकरण या जीर्णोद्धार करती है अलसी। अलसी के शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट ओमेगा-3 व लिगनेन त्वचा के कोलेजन की रक्षा करते हैं और त्वचा को आकर्षक, कोमल, नम, बेदाग व गोरा बनाते हैं। अलसी सुरक्षित, स्थाई और उत्कृष्ट भोज्य सौंदर्य प्रसाधन है जो त्वचा में अंदर से निखार लाता है। त्वचा, केश और नाखून के हर रोग जैसे मुहांसे, एग्ज़ीमा, दाद, खाज, खुजली, सूखी त्वचा, सोरायसिस, ल्यूपस, डेन्ड्रफ, बालों का सूखा, पतला या दोमुंहा होना, बाल झड़ना आदि का उपचार है अलसी। चिर यौवन का स्रोता है अलसी। बालों का काला हो जाना या नये बाल आ जाना जैसे चमत्कार भी कर देती है अलसी। किशोरावस्था में अलसी के सेवन करने से कद बढ़ता है।

* अलसी एक फीलगुड फूड है, क्योंकि अलसी से मन प्रसन्न रहता है, झुंझलाहट या क्रोध नहीं आता है, पॉजिटिव एटिट्यूड बना रहता है यह आपके तन, मन और आत्मा को शांत और सौम्य कर देती है। अलसी के सेवन से मनुष्य लालच, ईर्ष्या, द्वेश और अहंकार छोड़ देता है। इच्छाशक्ति, धैर्य, विवेकशीलता बढ़ने लगती है, पूर्वाभास जैसी शक्तियाँ विकसित होने लगती हैं। इसीलिए अलसी देवताओं का प्रिय भोजन थी। यह एक प्राकृतिक वातानुकूलित भोजन है।

* अलसी कॉलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और हृदयगति को सही रखती है। रक्त को पतला बनाये रखती है अलसी। रक्तवाहिकाओं को साफ करती रहती है अलसी।

* अलसी शर्करा ही नियंत्रित नहीं रखती, बल्कि मधुमेह के दुष्प्रभावों से सुरक्षा और उपचार भी करती है। अलसी में रेशे भरपूर 27% पर शर्करा 1.8% यानी नगण्य होती है। इसलिए यह शून्य-शर्करा आहार कहलाती है और मधुमेह के लिए आदर्श आहार है। अलसी बी.एम.आर. बढ़ाती है, खाने की ललक कम करती है, चर्बी कम करती है, शक्ति व स्टेमिना बढ़ाती है, आलस्य दूर करती है और वजन कम करने में सहायता करती है। चूँकि ओमेगा-3 और प्रोटीन मांस-पेशियों का विकास करते हैं अतः बॉडी बिल्डिंग के लिये भी नम्बर वन सप्लीमेन्ट है अलसी।

* आयुर्वेद के अनुसार हर रोग की जड़ पेट है और पेट साफ रखने में यह इसबगोल से भी ज्यादा प्रभावशाली है। आई.बी.एस., अल्सरेटिव कोलाइटिस, अपच, बवासीर, मस्से आदि का भी उपचार करती है अलसी।

*ओमेगा-3 हमारे शरीर की सारी कोशिकाओं, उनके न्युक्लियस, माइटोकोन्ड्रिया आदि संरचनाओं के बाहरी खोल या झिल्लियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यही इन झिल्लियों को वांछित तरलता, कोमलता और पारगम्यता प्रदान करता है। ओमेगा-3 का अभाव होने पर शरीर में जब हमारे शरीर में ओमेगा-3 की कमी हो जाती है तो ये भित्तियां मुलायम व लचीले ओमेगा-3 के स्थान पर कठोर व कुरुप ओमेगा-6 फैट या ट्रांस फैट से बनती है, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 का संतुलन बिगड़ जाता है, प्रदाहकारी प्रोस्टाग्लेंडिन्स बनने लगते हैं, हमारी कोशिकाएं इन्फ्लेम हो जाती हैं, सुलगने लगती हैं और यहीं से ब्लडप्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, डिप्रेशन, आर्थ्राइटिस और कैंसर आदि रोगों की शुरूवात हो जाती है।

11/01/2016

वर्ष 2016 में त्योहरों, विशिष्ट पर्व, जयंती की सूची आप यहां पढ़ सकते हैं। यहां आप जान सकते हैं कि कौन सा त्योहार किस दिन पड़ेगा।

जनवरी 2016

01 -- शुक्रवार: अंग्रेजी न्यू ईयर
14 -- गुरुवार : लोहड़ी
15 -- शुक्रवार: पोंगल, मकर संक्रांति
16 -- शनिवार : गुरु गोविंद सिंह जयंती
20 -- बुधवार : तैलांग स्वामी जयंती
23 -- शनिवार : सुभाष चंद्र बोस जयंती
26 -- मंगलवार : गणतंत्र दिवस
31 -- मंगलवार : स्वामी विवेकानंद जयंती

फरवरी 2016
12 -- शुक्रवार : बसंत पंचमी
22 -- सोमवार : गुरु रविदास जयंती

मार्च 2016
04 -- शुक्रवार : महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती
07 -- सोमवार : महाशिवरात्रि
10 -- गुरुवार : रामकृष्ण जयंती
20 -- मंगलवार: पारसी नव वर्ष
23 -- बुधवार : छोटी होली/ होलिका दहन
24 -- गुरुवार : होली
25 -- शुक्रवार : गुड फ्राइडे
26 -- शनिवार : श‍िवाजी जयंती
27 -- मंगलवार : ईस्टर

अप्रैल 2016
01 -- शुक्रवार : बैंक की छुट्टी
08 -- शुक्रवार : गुडी पड़वा, उगादी
09 -- शनिवार : झूलेलाल जयंती
13 -- बुधवार : सौर्य नव वर्ष, बैसाखी
14 -- गुरुवार : अम्बेडकर जयंती
15 -- शुक्रवार : राम नवमी
19 -- मंगलवार : महावीर स्वामी जयंती
21 -- गुरुवार : हजरत अली का जन्मदिवस

मई 2016
01 -- रविवार : मई दिवस, मजदूर दिवस
03 -- मंगलवार : वल्लभाचार्य जयंती
07 -- शनिवार : रबिंद्र नाथ टैगोर जयंती
11 -- बुधवार : शंकराचार्य जयंती, सूरदास जयंती
21 -- शनिवार : बुद्ध पूर्ण‍मा

जून 2016
07 -- मंगलवार : महाराणा प्रताप जयंती
14 -- मंगलवार : गंगा दशहरा
20 -- सोमवार : कबीरदास जयंती
21 -- मंगलवार : साल का सबसे लंबा दिन

जुलाई 2016
01 -- शुक्रवार : जमात अल-विदा
06 -- बुधवार : जगन्नाथ यात्रा
07 -- गुरुवार : ईद-उल-फितर, रमज़ान

अगस्त 2016
10 -- बुधवार : तुलसीदास जयंती
15 -- सोमवार : स्वतंत्रता दिवस
18 -- गुरुवार : रक्षाबंधन
25 -- गुरुवार : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

सितम्बर 2016
05 -- सोमवार : गणेश चतुर्थी
13 - मंगलवार : ओनम, ईद अल-अद्हा/बकरीद

अक्टूबर 2016
01 -- शनिवार : महाराजा अग्रसेन जयंती
02 -- मंगलवार : गांधी जयंती
03 -- सोमवार : अल-हिजरा, इस्लाम नववर्ष
09 -- मंगलवार : दुर्गा अष्टमी
10 -- सोमवार : महानवमी
11 -- मंगलवार : दशहरा, माधवाचार्य जयंती
12 -- बुधवार : मोहर्रम
16 -- मंगलवार : वाल्मीकि जयंती, मीराबाई जयंती
19 -- बुधवार : करवा चौथ
28 -- शुक्रवार : धनतेरस
29 -- शनिवार : नरक चतुर्दशी
30 -- रविवार : दीवाली, लक्ष्मी पूजन
31 -- सोमवार : गोवरधन पूजा

नवम्बर 2016
01 -- मंगलवार : भाई दूज
06 -- मंगलवार : छठ पूजा
14 -- सोमवार : गुरु नानक जयंती, नेहरू जयंती

दिसम्बर 2016
12 -- सोमवार : मिलाद अन-नबी, ईद-ए-मिलाद
21 -- बुधवार : वर्ष का सबसे छोटा दिन
25 -- मंगलवार : क्रिसमस
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25/07/2015

✨💫रोगप्रतिकारक शक्ति बनाये रखने के उपाय व सावधानियाँ💫✨

1- 90 प्रतिशत रोग केवल पेट से होते हैं। पेट में कब्ज नहीं रहना चाहिए। अन्यथा रोगों की कभी कमी नहीं रहेगी।
2- कुल 13 असाधारणीय शारीरिक वेग होते हैं । उन्हें रोकना नहीं चाहिए ।।
3-160 रोग केवल मांसाहार से होते है
4- 103 रोग भोजन के बाद जल पीने से होते हैं। भोजन के 1 घंटे बाद ही जल पीना चाहिये।
5- 80 रोग चाय पीने से होते हैं।
6- 48 रोग ऐलुमिनियम के बर्तन या कुकर के खाने से होते हैं।
7- शराब, कोल्डड्रिंक और चाय के सेवन से हृदय रोग होता है।
8- अण्डा खाने से हृदयरोग, पथरी और गुर्दे खराब होते हैं।
9- ठंडेजल (फ्रिज)और आइसक्रीम से बड़ीआंत सिकुड़ जाती है।
10- मैगी, गुटका, शराब, सूअर का माँस, पिज्जा, बर्गर, बीड़ी, सिगरेट, पेप्सी, कोक से बड़ी आंत सड़ती है।
11- भोजन के पश्चात् स्नान करने से पाचनशक्ति मन्द हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है।
12- बाल रंगने वाले द्रव्यों(हेयरकलर) से आँखों को हानि (अंधापन भी) होती है।
13- दूध(चाय) के साथ नमक (नमकीन पदार्थ) खाने से चर्म रोग हो जाता है।
14- शैम्पू, कंडीशनर और विभिन्न प्रकार के तेलों से बाल पकने, झड़ने और दोमुहें होने लगते हैं।
15- गर्म जल से स्नान से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है। गर्म जल सिर पर डालने से आँखें कमजोर हो जाती हैं।
16- टाई बांधने से आँखों और मस्तिश्क हो हानि पहुँचती है।
17- खड़े होकर जल पीने से घुटनों(जोड़ों) में पीड़ा होती है।
18- खड़े होकर मूत्रत्याग करने से रीढ़ की हड्डी को हानि होती है।
19- भोजन पकाने के बाद उसमें नमक डालने से रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) बढ़ता है।
20- जोर लगाकर छींकने से कानों को क्षति पहुँचती है।
21- मुँह से साँस लेने पर आयु कम होती है।
22- पुस्तक पर अधिक झुकने से फेफड़े खराब हो जाते हैं और क्षय(टीबी) होने का डर रहता है।
23- चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है मलेरिया नहीं होता है।
24- तुलसी के सेवन से मलेरिया नहीं होता है।
25- मूली प्रतिदिन खाने से व्यक्ति अनेक रोगों से मुक्त रहता है।
26- अनार आंव, संग्रहणी, पुरानी खांसी व हृदय रोगों के लिए सर्वश्रेश्ठ है।
27- हृदयरोगी के लिए अर्जुनकी छाल, लौकी का रस, तुलसी, पुदीना, मौसमी, सेंधा नमक, गुड़, चोकरयुक्त आटा, छिलकेयुक्त अनाज औशधियां हैं।
28- भोजन के पश्चात् पान, गुड़ या सौंफ खाने से पाचन अच्छा होता है। अपच नहीं होता है।
29- अपक्व भोजन (जो आग पर न पकाया गया हो) से शरीर स्वस्थ रहता है और आयु दीर्घ होती है।
30- मुलहठी चूसने से कफ बाहर आता है और आवाज मधुर होती है।
31- जल सदैव ताजा (चापाकल, कुएं आदि का) पीना चाहिये, बोतलबंद (फ्रिज) पानी बासी और अनेक रोगों के कारण होते हैं।
32- नीबू गंदे पानी के रोग (यकृत, टाइफाइड, दस्त, पेट के रोग) तथा हैजा से बचाता है।
33- चोकर खाने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। इसलिए सदैव गेहूं मोटा ही पिसवाना चाहिए।
34- फल, मीठा और घी या तेल से बने पदार्थ खाकर तुरन्त जल नहीं पीना चाहिए।
35- भोजन पकने के 48 मिनट के अन्दर खा लेना चाहिए । उसके पश्चात् उसकी पोशकता कम होने लगती है। 12 घण्टे के बाद पशुओं के खाने लायक भी नहीं रहता है।।
36- मिट्टी के बर्तन में भोजन पकाने से पोशकता 100% कांसे के बर्तन में 97% पीतल के बर्तन में 93% अल्युमिनियम के बर्तन और प्रेशर कुकर में 7-13% ही बचते हैं।
37- गेहूँ का आटा 15 दिनों पुराना और चना, ज्वार, बाजरा, मक्का का आटा 7 दिनों से अधिक पुराना नहीं प्रयोग करना चाहिए।
38- मनष्य को मैदे से बनीं वस्तुएं (बिस्कुट, ब्रेड, पीज़ा समोसा आदि)
कभी भी नहीं खाना चाहिए।
39- खाने के लिए सेंधा नमक सर्वश्रेष्ठ होता है उसके बाद काला नमक का स्थान आता है। सफेद नमक जहर के समान होता है।
40- जल जाने पर आलू का रस, हल्दी, शहद, घृतकुमारी में से कुछ भी लगाने पर जलन ठीक हो जाती है और फफोले नहीं पड़ते।
41- सरसों, तिल,मूंगफली या नारियल का तेल ही खाना चाहिए। देशी घी ही खाना चाहिए है। रिफाइंड तेल और
वनस्पति घी (डालडा) जहर होता है।
42- पैर के अंगूठे के नाखूनों को सरसों तेल से भिगोने से आँखों की खुजली लाली और जलन ठीक हो जाती है।
43- खाने का चूना 70 रोगों को ठीक करता है।
44- चोट, सूजन, दर्द, घाव, फोड़ा होने पर उस पर 5-20 मिनट तक चुम्बक रखने से जल्दी ठीक होता है।
हड्डी टूटने पर चुम्बक का प्रयोग करने से आधे से भी कम समय में ठीक होती है।
45- मीठे में मिश्री, गुड़, शहद, देशी (कच्ची) चीनी का प्रयोग करना चाहिए सफेद चीनी जहर होता है।
46- कुत्ता काटने पर हल्दी लगाना चाहिए।
47-बर्तन मिटटी के ही परयोग करन चाहिए।
48- टूथपेस्ट और ब्रश के स्थान पर दातून और मंजन करना चाहिए दाँत मजबूत रहेंगे ।
(आँखों के रोग में दातून नहीं करना)
49- यदि सम्भव हो तो सूर्यास्त के पश्चात् न तो पढ़े और लिखने का काम तो न ही करें तो अच्छा है ।
50- निरोग रहने के लिए अच्छी नींद और अच्छा(ताजा) भोजन अत्यन्त आवश्यक है।
51- देर रात तक जागने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कमजोर हो जाती है। भोजन का पाचन भी ठीक से नहीं हो पाता है आँखों के रोग भी होते हैं।
52- प्रातः का भोजन राजकुमार के समान, दोपहर का राजा और देर रात्रि का भिखारी के
समान ।

😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊

आपने पढ़ा अब आगे ओर सब भी पढ़ें ऐसा कुछ करें । 💫😇

16/07/2015

क्या आप जानते हैं?
* खड़े खड़े पानी पीने वाले का घुटना दुनिया का कोई डॉक्टर ठीक नहीँ कर सकता।
* तेज पंखे के नीचे या A. C. में सोने से मोटापा बढ़ता है।
* 70% दर्द में एक ग्लास गर्म पानी किसी भी पेन किलर से भी तेज काम करता है।
* कुकर में दाल गलती है, पकती नहीँ। इसीलिए गैस और एसिडिटी करती है।
* अल्युमिनम के बर्तनों के प्रयोग से अंग्रेजों नें देशभक्त भारतीय क़ैदियों को रोगी बनाया था।
* शर्बत और नारियल पानी सुबह ग्यारह के पहले अमृत है।
* लकवा होते ही मरीज के नाक में देशी गाय का घी डालने से लकवा पन्द्रह मिनट मेँ ठीक हो जाता है।
* देशी गाय के शरीर पर हाथ फेरने से 10 दिन में ब्लड प्रेसर नॉर्मल हो जाता है।
* देशी गाय का दूध रोग नाशक और विदेशी गाय का दूध रोग कारक है।
🙏
गुड़ खाने से 18 फायदे :
🙏

1>गुड़ खाने से नहीं होती गैस की दिक्कत
2>खाना खाने के बाद अक्सर मीठा खाने का मन करता हैं। इसके लिए सबसे बेहतर है कि आप गुड़ खाएं। गुड़ का सेवन करने से आप हेल्दी रह सकते हैं
3> पाचन क्रिया को सही रखना
4> गुड़ शरीर का रक्त साफ करता है और मेटाबॉल्जिम ठीक करता है। रोज एक गिलास पानी या दूध के साथ गुड़ का सेवन पेट को ठंडक देता है। इससे गैस की दिक्कत नहीं होती। जिन लोगों को गैस की परेशानी है, वो रोज़ लंच या डिनर के बाद थोड़ा गुड़ ज़रूर खाएं
5> गुड़ आयरन का मुख्य स्रोत है। इसलिए यह एनीमिया के मरीज़ों के लिए बहुत फायदेमंद है। खासतौर पर महिलाओं के लिए इसका सेवन बहुत अधिक ज़रूर है
6> त्वचा के लिए -- गुड़ ब्लड से खराब टॉक्सिन दूर करता है, जिससे त्वचा दमकती है और मुहांसे की समस्या नहीं होती है।
7> गुड़ की तासीर गर्म है, इसलिए इसका सेवन जुकाम और कफ से आराम दिलाता है। जुकाम के दौरान अगर आप कच्चा गुड़ नहीं खाना चाहते हैं तो चाय या लड्डू में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
8> एनर्जी के लिए -- बुहत ज़्यादा थकान और कमजोरी महसूस करने पर गुड़ का सेवन करने से आपका एनर्जी लेवल बढ़ जाता है। गुड़ जल्दी पच जाता है, इससे शुगर का स्तर भी नहीं बढ़ता। दिनभर काम करने के बाद जब भी आपको थकान हो, तुरंत गुड़ खाएं।
9> गुड़ शरीर के टेंपरेचर को नियंत्रित रखता है। इसमें एंटी एलर्जिक तत्व हैं, इसलिए दमा के मरीज़ों के लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद होता है।
10> जोड़ों के दर्द में आराम -- रोज़ गुड़ के एक टुकड़े के साथ अदरक का सेवन करें, इससे जोड़ों के दर्द की दिक्कत नहीं होगी।
11> गुड़ के साथ पके चावल खाने से बैठा हुआ गला व आवाज खुल जाती है।
12> गुड़ और काले तिल के लड्डू खाने से सर्दी में अस्थमा की परेशानी नहीं होती है।
13> जुकाम जम गया हो, तो गुड़ पिघलाकर उसकी पपड़ी बनाकर खिलाएं।
14> गुड़ और घी मिलाकर खाने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।
15> भोजन के बाद गुड़ खा लेने से पेट में गैस नहीं बनती ।
16> पांच ग्राम सौंठ दस ग्राम गुड़ के साथ लेने से पीलिया रोग में लाभ होता है।
17> गुड़ का हलवा खाने से स्मरण शक्ति बढती है।
18> पांच ग्राम गुड़ को इतने ही सरसों के तेल में मिलाकर खाने से श्वास रोग से छुटकारा मिलता है।
🍀
अच्छी बातें , अच्छे लोगों, अपने मित्र , रिश्तेदार और ग्रुप मे अवश्य शेयर करे.

06/06/2015

* शंख बजाने से योग की 3 क्रियाएं एकसाथ होती हैं- कुम्भक, रेचक, प्राणायाम।
* शंख बजाने से हृदयाघात, रक्तचाप की अनियमितता, दमा, मंदाग्नि में लाभ होता है
* शंख बजाने से फेफड़े पुष्ट होते हैं।
* शंख में पानी रखकर पीने से मनोरोगी को लाभ होता है, उत्तेजना कम होती है।
* शंख की ध्वनि से दिमाग व स्नायु तंत्र सक्रिय रहता है।

09/04/2015

गर्भ में पल रहा शिशु संगीत सुन ताली बजा रहा़, इसे लन्दन के डाक्टरों ने रिकार्ड कि़या है Must Share...

07/04/2015

आज 7 अप्रैल को वर्ल्ड हेल्थ डे या विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। बात करते हैं एक ऐसी बीमारी के बारे में जो उम्र, स्थान या आनुवांशिक इतिहास की परवाह किए बिना किसी को भी हो सकती है और वो है डायबीटीज़ यानी मधुमेह। आज के समय में इस बीमारी से हर कोई परिचित है। फिर भी ज़रा सी सावधानी या जागरूकता से इससे बचा जा सकता हैं। पहले जानते हैं डायबीटीज़ के कुछ लक्ष्णों के बारे में।

क्या आपका वजन असामान्य रूप से घटा है?
क्या आपको बार बार पेशाब करने के लिए जाना पड़ता है?
क्या आपको अक्सर भूख या प्यास लगती है?

यदि उपर दिए सभी सवालों का जवाब हां में है तो काफी संभावना है कि आपको हाई ब्लड शुगर हो। इसका मतलब या तो आपका शरीर इंसुलिन को कम पैदा कर रहा है या फिर रक्त कोशिकाओं की प्रतिक्रिया इंसुलिन को लेकर कम है। दोनों ही स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डायबटीज़ को टाइप 1 या टाइप 2 में बांटा जा सकता है। चाहे टाइप कोई भी हो जितना जल्दी आपको डायबीटीज़ या फिर इसके संकेतों का पता चल जाए उतना अच्छा। अच्छी जीवनशैली, योग और ध्यान के जरिए मधुमेह का प्रबंधन किया जा सकता है। यदि आप मधुमेह से पीड़ित हैं तो यहां 3 गोल्डन रूल्स बताए जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप डायबीटीज़ के हानिकारक प्रभावों से बच सकते हैं।
1. निर्धारित भोजन नवाचार अर्थात प्रोटोकॉल
2. निरंतर व्यायाम
3. निरंतर योगाभ्यास कुछ मिनटों के लिए

योगा कैसे डायबीटीज़ से लड़ने में आपकी मदद कर सकता है:
नियमित योगाभ्यास खून में शुगर लेवल को कम करता है, ब्ल्डप्रेशर को कम रखता है, वजन पर नियंत्रण रखता है और मधुमेह के लक्ष्णों और मधुमेह की दर को धीरे धीरे कम करता है। सबसे अहम बात यह है कि योग, मधुमेह के कारण होने वाली विभिन्न जटिलताओं को भी कम करता है। आईए जानते हैं कैसे-
1. मधुमेह के लिए तनाव सबसे बड़ा कारण है, क्योंकि यह बीमारी जीवनशैली से संबंधित है। तनाव के कारण शरीर में ग्लूकागन हार्मोन का स्त्राव बढ़ जाता है। नतीजतन रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ता है। योग आसन, प्राणायाम व निरंतर कुछ मिनटों के लिए ध्यान करने से शारीरिक व मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है और शरीर में ग्लूकागन हार्मोन का स्तर कम होता है।

2. योग का निरंतर अभ्यास शरीर के वज़न को कम करता है और वज़न बढ़ने की संभावना को रोकता है। सूर्य नमस्कार और कपाल भाती प्राणायाम। ये दोनों ही वजन को बढ़ने से रोकते हैं।

3. उच्च रक्तचाप और अतिरक्तदाब या हाइपर टेंशन का होना, मधुमेह के लिए और भी अधिक हानिकारक है। शवासन, योग निद्रा, सेतु बंधासन, शिशुासन जैसे कई आसन हैं जो हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसके अलावा वज्रासन, हलासन, चक्रासन, सर्वांगासन, धनुरासन, पश्चिमोत्तानासन, अर्ध मत्सेंद्रासन भी डायबटीज़ को नियंत्रित रखने में काफी लाभदायक हैं।

ध्यान से फायदा:
रोजाना कुछ मिनटों का ध्यान शरीर व मन से तनाव को दूर करने का बहुत सुंदर उपाय है। रोचक बात यह है कि तनाव की वजह से मधुमेह होता है और मधुमेह होने पर तनाव अधिक बढ़ता है जो शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। आमतौर पर यह देखा गया है कि मधुमेह के रोगी आत्मविश्वास खो देते हैं। यहां पर दोबारा आत्मविश्वास जगाने के लिए ध्यान बहुत ही अहम भूमिका अदा करता है। जिस कारण रोगी अपनी अवस्था से लड़ पाता है और उनमें मीठा खाने की लालसा भी कम होती है।

निरंतर व्यायाम से भी मिलती है मदद:
अगर आप निरंतर व्यायाम करते हैं तो आपका शरीर इंसूलिन को प्रतिक्रिया देना शुरू करता है और कुछ मामलों में दवाईयों की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है। व्यायाम शरीर में रक्त संचार को भी बेहतर करता है, खासतौर पर हाथों और टांगों में। खासतौर पर उम्रदराज़ लोगों के लिए व्यायाम काफी लाभदायक साबित होता है। शारीरिक गतिविधि कम हेाने के कारण बुजुर्गों को डायबीटीज़ जल्दी हो जाता है। पर शारीरिक अभ्यास से इससे छूटकारा मिल सकता है। रोजाना की सैर व ज्वाइंट मूवमेंट और इनके साथ साथ कुछ योगासन जैसे त्रिकोनासन, कटिचक्रासन, बद्धा कोनासन और इनके बाद योग निद्रा काफी मददगार साबित हो सकते हैं।

परेशां न हो मधुमेह से... !! क्या आप ?
दवा खाते खाते परेशान हो चुके है ?
अपनी बीमारी का इलाज कराते- कराते थक चुके है ?
यदि हा, तो आइये , मिलिए ..दवा खाने से मुक्ति

यूरिक एसिड, बाथ, यूरिन इन्फेक्सन, सुगर, प्रेसर, कब्जियत, अल्सर, एसिडिटी, किडनी की खराबी के साथ अन्य रोग भी वैज्ञानिक मशीन के द्वारा आसानी से शरीर के टॉक्सिन को बाहर निकाल कर महेशा के लिए स्वस्थ बन सकते है

See more about Detox at http://goo.gl/FAyyKY

अगर आप इन गंभीर बीमारियों से बचना चाहते है तो एक बार अवश्य आजमाए।
वैज्ञानिक प्राविधि द्वारा शरीर के अंदर जमे विषाक्त तत्वों को बाहर निकलवाए।
सिर्फ 15 दिन की थेरेपी।
बहुतो को लाभ हुआ है आप भी लाभ उठाये।

संपर्क करे:- 08423910092/09026299394

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03/04/2015

5लाख रु. की गाडी मे कभी घासलेट नहीं डालते... क्यों ?
गाडी का इंजन खराब हो जायेगा...

5लाख रु. की गाडी की तुमको इतनी चिंता है ?
कभी मुह मे शराब या गुटका डालने के पहले सोचा की किडनी , लिवर खराब हो गया तो...

करोडो के इस अनमोल शरीर के इंजन की भी उतनी ही चिंता करो जितनी अपनी गाडी की करते हो...

दुनियाँ के लिए आप एक व्यक्ति हैं....लेकिन परिवार के लिए आप पूरी दुनियां..

30/03/2015

डा० हार्दिक शाह !
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) सामान्य अस्पताल
( Civil Hospital )
मुम्बई
यह संदेश 💌"श्रियम आरोग्य सेवा "👂 की तरफ से भारत में कार्यरत डाक्टरों के समूह से है, जिसको आम जनता के हित में भेजा जा रहा है ।

1) कृपया APPY FIZZ का सेवन न करें, क्योंकि इसमें कैंसर
पैदा करने वाले रसायन है ।

2) कोक या पेप्सी सेवन करने से पहले व बाद में मेन्टोस का सेवन न करें क्योंकि इसका सेवन करने से मिश्रण साईनाइड में बदल जाता है, जिससे सेवन करने वाले व्यक्ति की मौत
हो सकती है ।

3) कुरकुरे का सेवन न करें क्योंकि इसमें प्लास्टिक की काफ़ी मात्रा होती
है । इसकी पुष्टी के लिये कुरकुरे
को जलायें तो देखेंगे कि प्लास्टिक पिघलने लगा है --टाइम्स
आफ़ इण्डिया की रिपोर्ट

4) इन गोलियों का सेवन तुरन्त बन्द करें क्योंकि ये बहुत ख़तरनाक है:-
* डी-कोल्ड /D-cold
* विक्स एक्सन- 500
Vicks Action-500
* एक्टिफाइड/Actified
* कोल्डारिन/Coldarin
* कोसोम/Cosome
* नाईस/Nice
* निमुलिड़/Nimulid
* सैट्रीजैट-डी/Cetrizet-D
इन गोलियों में फिनाईल प्रोपेनोल- एमाइड पीपीए होता है
जिससे ह्रदयाघात् होता है । इसलिये यह दवा अमेरिका में
प्रतिबन्धित है ।

वटसएप पर आप मुफ़्त में महत्वपूर्ण सूचना से सभी को अवगत करा सकते हैं अत: इसे पढ़ें और सभी को सूचित करें ।

अमेरिका के डाक्टरों को व्यक्तियों में हो रहे नये क़िस्म के कैंसर का पता चला है जोकि "सिल्वर नाइट्रो आक्साइड"के कारण पनप रहा है ।

मोबाइल चार्ज करने के लिये रीचार्ज कार्ड ख़रीदें तो कोड नम्बर के लिये कोड लाइन को नाख़ून से न खुर्चें,
क्योंकि कोड को छुपाने में सिल्वर "नाइट्रो आक्साइड" नाम के रसायन
की परत होती है, जिससे त्वचा का कैंसर होता है ।

महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बातें:-
* सेलफ़ोन पर बातें करते समय बायें कान की तरफ़ रखें ।
💥 आप ये ज्ञान पड़ रहे है 💌"श्रियम आरोग्य सेवा "👂 जो आप देख सकते है 👌 https://www.facebook.com/saskvns
* ठण्डे पानी के साथ गोलियाँ न लेवें ।

* सांय पाँच बजे के बाद भारी भोजन का सेवन न करें ।

* हमेशा! सुबह ज़्यादा पानी पीयें, व रात के समय कम ।

* सोने का सबसे अच्छा समय रात के दस बजे से सुबह चार बजे तक होता
है ।

* दवाईयां खाना लेने के बाद तुरन्त न लेवें।

* जब भी बैटरी अंतिम बार पर हो, सैलफ़ोन से बात न करें,क्योंकि तब ध्वनी तरेंगे एक हज़ार गुणा शक्तिशाली हो जाती है ।

अमेरीकी रसायन अनुसंधान केन्द्र
के जाँच परिणाम के अनुसार:
* चाय को न तो प्लास्टिक के कपों में पीयें न ही प्लास्टिक पेपर पर भोजन करें । क्योंकि प्लास्टिक गरम होने पर इसमें रासायनिक परिवर्तन होने लगते
हैं जिनसे 52 प्रकार के कैंसर होने का ख़तरा है ।

एक अच्छे संदेश से सभी को अवगत
करवाना हँसी मज़ाक़ के 100 संदेश भेजने से अच्छा है ।

यह सभी के लिये उपयोगी है।

ज्ञान बडा महत्वपूर्ण है जितना
बाटोगे उतना बडेगा ।

कृपया अपने परिचितों ,दोस्तो ,रिस्तेदारों को अवश्य अवगत करायें और अमेरिकन मशीन जिसे नोबेल पुरस्कार प्राप्त है उसके माध्यम से आप detox कर के निरोग रह सकते है ...👍

24/03/2015

💠 गर्म पानी के फायदे 💠
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1⃣ अगर आप स्किन प्रॉब्लम्स से परेशान हैं या ग्लोइंग स्किन के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स यूज करके थक चूके हैं तो रोजाना एक गिलास गर्म पानी पीना शुरू कर दें। आपकी स्किन प्रॉब्लम फ्री हो जाएगी व ग्लो करने लगेगी।
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2⃣ लड़कियों को पीरियड्स के दौरान अगर पेट दर्द हो तो ऐसे में एक गिलास गुनगुना पानी पीने से राहत मिलती है। दरअसल इस दौरान होने वाले पैन में मसल्स में जो खिंचाव होता है उसे गर्म पानी रिलैक्स कर देता है।
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3⃣ गर्म पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर हो जाते हैं। सुबह खाली पेट व रात्रि को खाने के बाद पानी पीने से पाचन संबंधी दिक्कते खत्म हो जाती है व कब्ज और गैस जैसी समस्याएं परेशान नहीं करती हैं।
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4⃣ भूख बढ़ाने में भी एक गिलास गर्म पानी बहुत उपयोगी है। एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू का रस और काली मिर्च व नमक डालकर पीएं। इससे पेट का भारीपन कुछ ही समय में दूर हो जाएगा।
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5⃣ खाली पेट गर्म पानी पीने से मूत्र से संबंधित रोग दूर हो जाते हैं। दिल की जलन कम हो जाती है। वात से उत्पन्न रोगों में गर्म पानी अमृत समान फायदेमंद हैं।
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6⃣ गर्म पानी के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन भी तेज होता है। दरअसल गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है। पसीने के माध्यम से शरीर की सारे जहरीले तत्व बाहर हो जाते हैं।
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7⃣ बुखार में प्यास लगने पर मरीज को ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। गर्म पानी ही पीना चाहिए बुखार में गर्म पानी अधिक लाभदायक होता है।
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8⃣ यदि शरीर के किसी हिस्से में गैस के कारण दर्द हो रहा हो तो एक गिलास गर्म पानी पीने से गैस बाहर हो जाती है।
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9⃣ अधिकांश पेट की बीमारियां दूषित जल से होती हैं यदि पानी को गर्म कर फिर ठंडा कर पीया जाए तो जो पेट की कई अधिकांश बीमारियां पनपने ही नहीं पाएंगी।
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🔟 गर्म पानी पीना बहुत उपयोगी रहता है इससे शक्ति का संचार होता है। इससे कफ और सर्दी संबंधी रोग बहुत जल्दी दूर हो जाते हैं।
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1⃣1⃣ दमा ,हिचकी ,खराश आदि रोगों में और तले भुने पदार्थों के सेवन के बाद गर्म पानी पीना बहुत लाभदायक होता है।
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1⃣2⃣ सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू मिलाकर पीने से शरीर को विटामिन सी मिलता है। गर्म पानी व नींबू का कॉम्बिनेशन शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है।साथ ही पी.एच. का स्तर भी सही बना रहता है।
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1⃣3⃣ रोजाना एक गिलास गर्म पानी सिर के सेल्स के लिए एक गजब के टॉनिक का काम करता है। सिर के स्केल्प को हाइड्रेट करता है जिससे स्केल्प ड्राय होने की प्रॉब्लम खत्म हो जाती है।
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1⃣4⃣ वजन घटाने में भी गर्म पानी बहुत मददगार होता है। खाने के एक घंटे बाद गर्म पानी पीने से मेटॉबालिम्म बढ़ता है। यदि गर्म पानी में थोड़ा नींबू व कुछ बूंदे शहद की मिला ली जाएं तो इससे बॉडी स्लिम हो जाती है।
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1⃣5⃣ हमेशा जवान दिखते रहने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए गर्म पानी एक बेहतरीन औषधि का काम करता है।
अगर अपने दोस्तो से प्यार है तो सभी दोस्तो को सेन्ड करे वरना ये मेसेज आपके लिये फिजूल है

19/03/2015

जरा सोचिये कि शाम के 7:25 बजे है और आप घर जा रहे है वो भी एकदम अकेले ।
ऐसे में अचानक से आपके सीने में तेज दर्द होता है जो आपके हाथों से होता हुआ आपके जबड़ो तक पहुँच जाता है ।
आप अपने घर से सबसे नजदीक अस्पताल से 5 मील दूर हैं और दुर्भाग्यवश आपको ये नहीं समझ मे आ रहा कि आप वहां तक पहुँच पाएंगे कि नहीं ।
आप सी पी आर में प्रशिक्षित हैं मगर वहां भी आपको ये नहीं सिखाया गया कि इसको खुद पर प्रयोग कैसे करें ।
ऐसे में दिल के दौरे से बचने के लिए ये उपाय आजमाए :-
चूँकि ज्यादातर लोग दिल के दौरे के वक्त अकेले होते हैं l
बिना किसी की मदद के उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है ।
वे बेहोश होने लगते हैं और उनके पास सिर्फ 10 सेकण्ड्स होते है ।
ऐसे हालत में पीड़ित जोर जोर से खांस कर खुद को सामान्य रख सकता है ।
एक जोर की सांस लेनी चाहिए हर खांसी से पहले और खांसी इतनी तेज हो कि छाती से थूक निकले ।
जब तक मदद न आये ये प्रक्रिया दो सेकंड से दोहराई जाए ताकि धड्कन सामान्य हो जाए ।
जोर की साँसे फेफड़ो में ऑक्सीजन पैदा करती हैं और जोर की खांसी की वजह से दिल सिकुड़ता है जिससे रक्त संचालन नियमित रूप से चलता है ।
जहाँ तक हो सके इस सन्देश को हर एक तक पहुंचाए ।
एक ह्रदय के डॉक्टर ने तो यहाँ तक कहा कि अगर हर व्यक्ति यह सन्देश 10 लोगो को भेजे तो एक जान बचायी जा सकती है ।
आप सबसे निवेदन है कि चुटकले भेजने के बजाय यह सन्देश सबको भेजे ताकि लोगों की जान बच सके ।
अगर आपको यह सन्देश बार बार मिले तो परेशान होने के बजाय आपको खुश होना चाहिए कि आपको यह बताने वाले बहुत जन है कि दिल के दौरे से कैसे बचा जाये ।
धन्यवाद !!!

How many ticks for you?
14/03/2015

How many ticks for you?

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