10/09/2025
FUNGAL INFECTION को आयुर्वेद में (त्वचा पर खुजली, लाल दाग, सफेद परत, बदबू आदि) अक्सर दाद, विद्रधि या त्वग रोग की श्रेणी में माना जाता है। इसका मुख्य कारण शरीर में दोषों का असंतुलन (विशेषकर कफ और पित्त), अस्वच्छता, ज्यादा पसीना आना, गीले कपड़े पहनना और कमजोर प्रतिरक्षा शक्ति होता है।
आयुर्वेदिक उपचार (Fungal Infection Treatment in Ayurveda)
1. आंतरिक उपचार (Internal Medicines)
गंधक रसायन — खून को शुद्ध करता है और त्वचा के संक्रमण को दूर करता है
हरिद्रा (हल्दी) — प्राकृतिक एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण।
त्रिफला चूर्ण — शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालता है और पाचन सुधरता है।
निम्ब (नीम) की गोली/चूर्ण — खून साफ करने और संक्रमण को रोकने में असरदार
2. बाह्य उपचार (External Application)
नीम का तेल — संक्रमित जगह पर लगाने से फंगस खत्म होता है।
नारियल तेल + कपूर — खुजली और जलन को शांत करता है।
हल्दी + सरसों का तेल — पेस्ट बनाकर लगाने से दाद/फंगल जल्दी सूखता है।
त्रिफला क्वाथ से धोना — घाव और इंफेक्शन वाली जगह को साफ करता है।
3. जीवनशैली और आहार
ज्यादा मीठा, दही, तैलीय और मसालेदार भोजन से परहेज करें।
कॉटन के सूखे और साफ कपड़े पहनें।
पसीना आने पर तुरंत नहाएँ या कपड़े बदलें।
नीम का पानी स्नान में उपयोग करें।
4. घरेलू उपाय
हल्दी + नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर लगाएँ।
एलोवेरा जेल दिन में 2 बार लगाने से भी राहत मिलती है।
छाछ (Buttermilk) का सेवन पाचन और प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभकारी है।
👉 गंभीर या बार-बार होने वाले फंगल इंफेक्शन में किसी योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह से औषधियाँ लेना सबसे सुरक्षित और प्रभावी रहेगा
डॉक्टर लोकेश आयुर्वेद सेंटर यमुनानगर में चमड़ी और बालों से रिलेटेड सभी समस्याओं का आयुर्वेदिक दवाइयां के द्वारा इलाज होता है
🟢 7 दिन का आयुर्वेदिक घरेलू प्लान
🌅 सुबह (उठते ही)
1 गिलास गुनगुना पानी + ½ नींबू + 1 चम्मच शहद
2 नीम की पत्तियाँ चबाएँ (या 1 नीम गोली)
🍵 नाश्ता
हल्का, सुपाच्य भोजन (उपमा, दलिया, मूंग दाल चीला)
1 चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी से
🌞 दोपहर
भोजन में ज्यादा दाल, हरी सब्ज़ियाँ, सलाद लें।
दही, मिठाई और तैलीय भोजन न लें।
भोजन के बाद 1 कप छाछ (थोड़ा जीरा पाउडर + काला नमक डालकर)
☀️ दोपहर बाद
½ चम्मच हल्दी + ½ चम्मच शहद मिलाकर लें।
🌙 रात का खाना
हल्का भोजन (खीचड़ी, मूंग दाल, सब्ज़ी-रोटी)।
सोने से पहले — त्रिफला चूर्ण 1 चम्मच गुनगुने पानी से।
🟤 बाहरी उपयोग (दिन में 2–3 बार)
नीम तेल + नारियल तेल (बराबर मात्रा) — प्रभावित जगह पर लगाएँ।
हल्दी + कपूर पाउडर (थोड़ा सा) + नारियल तेल — पेस्ट बनाकर लगाएँ।
नहाने के बाद त्रिफला क्वाथ (पानी) से धोएँ या नीम पत्तियों का पानी इस्तेमाल करें।
🔴 परहेज (बहुत ज़रूरी)
❌ दही, मिठाई, जंक फूड, तैलीय और मसालेदार खाना
❌ गीले या टाइट कपड़े
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