14/01/2022
भारत सरकार एवं आयुष विभाग मध्यप्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजना के अंतर्गत जिला आयुष अधिकारी डॉ दत्तात्रेय भदादे जी के निर्देशानुसार *आजादी के अमृत महोत्सव*के आयोजन में " सूर्य नमस्कार जीवनी शक्ति आधार" हैं की थीम पर 14 जनवरी 2022 को सूर्य नमस्कार अभ्यास आयुषविंग पंचकर्म थेरपी में कोविड -19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए डॉ प्रियंका धुर्वे ,डॉ नितिन टेकरे,एवं समस्त आयुषविंग स्टाफ के साथ मरीजो को भी सूर्यनमस्कार का अभ्यास कराया गया।
डॉ प्रियंका धुर्वे ने बताया कि सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है। यह अकेला अभ्यास ही हमारे सम्पूर्ण शरीर का व्यायाम करा देता है। इसके दैनिक अभ्यास से हमारा शरीर निरोगी, स्वस्थ और चेहरा ओजपूर्ण हो जाता है। महिलायें हों या पुरुष, बच्चे हों या वृद्ध, सूर्य नमस्कार सभी के लिए बहुत लाभदायक होता है|
सूर्य नमस्कार के 12 आसन कौन-कौन से हैं?
सूर्य नमस्कार में बारह आसन होते हैं |
प्रणाम आसन
हस्तउत्तानासन
हस्तपाद आसन
अश्व संचालन आसन
दंडासन
अष्टांग नमस्कार
भुजंग आसन
पर्वत आसन
अश्वसंचालन आसन
हस्तपाद आसन
हस्तउत्थान आसन
ताड़ासन
सूर्य नमस्कार के लाभ :
डॉ नितिन टेकरे द्वारा बताया गया कि सूर्य नमस्कार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है हृदय, यकृत, आँत, पेट, छाती, गला, पैर शरीर के सभी अंगो के लिए बहुत से लाभ हैं। सूर्य नमस्कार सिर से लेकर पैर तक शरीर के सभी अंगो को बहुत लाभान्वित करता है। यही कारण है कि सभी योग विशेषज्ञ इसके अभ्यास पर विशेष बल देते हैं। सूर्य नमस्कार के अभ्यास से शरीर, मन और आत्मा सबल होते हैं। पृथ्वी पर सूर्य के बिना जीवन संभव नहीं है। सूर्य नमस्कार के शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक कई लाभ हैं ।
जनसामान्य से अनुरोध है कि सूर्य नमस्कार ,योग एवं प्राणायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाये एवं स्वस्थ जीवन की ओर एक कदम बढ़ाएं।